सम्पूर्ण विश्व में  17 अप्रैल को विश्व हीमोफ़ीलिया दिवस  मनाया जाता है। इस दिन का उद्देश्य हीमोफ़ीलिया रोग और रक्त बहने संबंधी अन्य बीमारियों के प्रति लोगों में जागरुकता फैलाना है। हीमोफ़ीलिया रक्त से जुड़ी एक ख़तरनाक और जानलेवा बीमारी है। डब्लूएचडी वर्ष 2018 का विषय 'जानकारी बांटना हमें सबल बनाता है' है।

‘डब्लूएचडी’ विकार और देखभाल की पहुँच और उपचार के बारे में जानकारी बांटने के महत्व पर ध्यान देने का अवसर प्रदान करता है; जिससे परिवार, मित्र, सहकर्मी और देखभालकर्ता आनुवंशिक खून बहने वाले विकारों से पीड़ित व्यक्ति को सहयोग देने के लिए मिलकर कार्य कर सकते है।
 
 
 
विश्व हीमोफ़ीलिया दिवस (डब्लूएचडी):उद्देश्य
हीमोफ़ीलिया एवं अन्य आनुवंशिक खून बहने वाले विकारों के बारे में जागरूकता फ़ैलाने के लिए प्रतिवर्ष 17 अप्रैल को मनाया जाता है। यह 'विश्व फेडरेशन ऑफ हीमोफ़ीलिया' की एक पहल है। इस वर्ष अठाईसवा डब्लूएचडी है।
 
 
विश्व हीमोफ़ीलिया दिवस :  संक्षिप्त इतिहास 
'हीमोफ़ीलिया' के प्रति जागरुकता लाने के लिए 1989 से इस दिवस की शुरुआत की गई। तब से हर साल 'वर्ल्ड फ़ेडरेशन ऑफ़ हीमोफ़ीलिया' के संस्थापक फ्रैंक कैनेबल के जन्मदिन 17 अप्रैल के दिन 'विश्व हीमोफ़ीलिया दिवस मनाया जाता है।
 
विश्व हीमोफ़ीलिया दिवस :  हीमोफिलिया क्या है 
हीमोफिलिया आनुवंशिक की स्थिति है, जो कि चोट या सर्जरी के बाद लंबे समय तक रक्तस्राव और या चोट के बाद या बिना चोट के बाद जोड़ों में दर्दनाक सूजन का कारण है ("आनुवंशिक" का मतलब है, कि यह रोग जींस के माध्यम से माता-पिता से बच्चों में पारित होता है)।  हीमोफिलिया रोग के वाहक एक्स गुणसूत्र में पाए जाते है। लगभग 10,000 पुरुषों में से 1 पुरुष के हीमोफीलिया से पीड़ित होने का ज़ोखिम होता है। महिलाएं ज्यादातर इस रोग के लिए जिम्मेदार आनुवांशिक इकाइयों की वाहक की भूमिका निभाती हैं।
 
विश्व हीमोफ़ीलिया दिवस :   हीमोफिलिया के प्रकार
 हीमोफिलिया ए- यह हीमोफिलिया का बेहद सामान्य प्रकार है। इसमें रक्त में थक्के बनने के लिए आवश्यक ‘फैक्टर 8’ की कमी हो जाती है।
 
हीमोफिलिया बी- यह बेहद कम सामान्य है। हीमोफिलिया से पीड़ित लगभग बीस प्रतिशत लोगों में हीमोफिलिया बी होता है। हीमोफिलिया बी में क्लॉटिंग कारक (फैक्टर-9) की कमी हो जाती है।
 
विश्व हीमोफ़ीलिया दिवस :  हीमोफिलिया वाहक कौन है?
 हीमोफिलिया की वाहक महिलाएं है, जिनमे हीमोफिलिया जीन युक्त असामान्य एक्स गुणसूत्र होता है। उनके दो एक्स गुणसूत्रों में से एक ‘फैक्टर 8’ या ‘फैक्टर 9’ जीन में परिवर्तन हो जाता है, जिसके परिणामस्वरूप ‘फैक्टर 8’ और ‘फैक्टर 9’ के स्तर में कमी हो जाती है।
 अधिकांश वाहक महिलाओं में हीमोफिलिया के चिन्हित खून बहने वाले लक्षण दिखाई नहीं देते है। लेकिन ‘फैक्टर 8’ या ‘फैक्टर 9’ के स्तर में कमी की  गतिविधि से पीड़ितों को सर्जरी के समय कुछ खून बहने की समस्याओं का सामना करना पड़ता है या कुछ अन्य लक्षण जैसे कि मासिक धर्म के दौरान अत्यधिक या बहुत ज़्यादा खून बहना एवं शरीर पर नीले धब्बे हो सकते है।
 
विश्व हीमोफ़ीलिया दिवस :  हीमोफिलिया का  रोकथाम
जब हीमोफिलिया का पारिवारिक इतिहास होता है, तब हीमोफिलिया जीन वाहक महिलाओं की पहचान करना संभव है। महिलाएं, जो जानती हैं कि वे वाहक हैं या वाहक हो सकती हैं, उनके पास भ्रूण की स्थिति के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए जन्म पूर्व निदान (पता लगाने) का विकल्प होता हैं।
 
राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण (नेशनल एड्स कंट्रोल प्रोग्राम) के तहत राष्ट्रीय रक्त आधान कौंसिल (नेशनल ब्लड ट्रांसम्यूजन) के अनुसार सभी राज्य/संघ शासित प्रदेशों के थैलेसीमिया एवं सिकल सेल एनीमिया से पीड़ित सभी रोगियों के लिए दिशा निर्देश है तथा हीमोफिलिया से पीड़ितों को नि:शुल्क रक्त उपलब्ध कराया जाएगा।
 
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यकम (आरबीएसके) का शुभारंभ किया गया, जो कि आनुवांशिक विकारों से पीड़ित बच्चों का शीघ्र पता लगाने और उनको उपचार प्रदान करेगा।
 
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