प्रत्येक वर्ष 4 मार्च को सम्पूर्ण भारत में राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस मनाया जाता है। इस दिन से ही एक सप्ताह तक चलने वाला सुरक्षा अभियान भी शुरू हो जाता है।

राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस:उद्देश्य
कार्यस्थलों पर सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए सम्पूर्ण देश में राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस मनाया जाता है।
 
 
राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस: संक्षिप्त इतिहास 
भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद एक स्वशासित संस्था (लोक सेवा के लिये गैर लाभांस और गैर सरकारी संस्था) है जिसकी स्थापना  मुम्बई में सोसाइटी एक्ट के तहत 4 मार्च 1966 में हुई  थी। इस उपलक्ष्य में प्रत्येक वर्ष 4 मार्च 1966 को राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस मनाया जाता हैI  
 
राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस: कार्यक्रम
निजी क्षेत्रों में व्यापक तौर पर सुरक्षा जागरुकता कार्यक्रम के प्रदर्शन के द्वारा औद्योगिक दुर्घटना से कैसे बचा जाए जैसे विषयों के बारे में लोगों में जागरूकता उत्पन्न करने के लिए पूरे उत्साह के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस मनाया जाता है । पूरे सप्ताह अभियान को मनाने के दौरान, सुरक्षा जरुरतों के तहत लोगों के लिये विभिन्न प्रकार की खास गतिविधियों को प्रदर्शित किया जाता है।संगठन के कर्मचारियों के द्वारा अभियान मनाने के दौरान  वर्कशॉप, शिक्षण कार्यक्रम, ड्रामा और गीत के प्ले, बैनर प्रदर्शनी, सुरक्षा पुरस्कार वितरण, निबंध प्रतियोगिता, सुरक्षा संदेश के पोस्टर और नारा वितरण, चर्चा, सेमिनार सहित विभिन्न सार्वजनिक समारोह जैसे निम्न राष्ट्रीय स्तर के क्रियाकलाप पूरे सप्ताह के लिये संपन्न होते हैं। औद्योगिक कर्मचारियों के लिये सुरक्षा गतिविधियों पर आधारित शिक्षण कार्यक्रम रखे जाते हैं। शिक्षण सत्र के दौरान उन्हें दावानुकूलि बर्तन की जाँच और परीक्षण, मशीन को उठाना, रसायन और बिजली सुरक्षा, जोखिम संभालना और आकलन, आग पर नियंत्रण और प्राथमिक सहायता ज्ञान आदि के बारे में सिखाया जाता है।
 
[printfriendly]