संयुक्त राष्ट्र बाल कोष की स्थापना सयुंक्त राष्ट्र महासभा ने  द्वितीय विश्व युद्ध में नष्ट हुए राष्ट्रों के बच्चों को खाना और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 1946 में  की थी।  बाल अधिकारों की रक्षा के लिए यूनिसेफ 190 देशों और क्षेत्रों में काम करता है। 

यूनिसेफ 70 साल से सम्पूर्ण विश्व में बाल जीवन को बेहतर बनाने के लिए कार्य कर रहा  है। यूनिसेफ के अनुसार सम्पूर्ण विश्व के बच्चों को जीवन, स्वयं के विकास एवं अपने सामर्थ्य की पूर्ति का अधिकार है। यूनीसेफ को 1965 में शांति का नोबेल पुरस्कार दिया गया।

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष: संक्षिप्त इतिहास

द्वितीय विश्व के बाद यूरोप में बच्चों की बदहाल स्थिति को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा दिसंबर, 1946 में यूनाइटेड नेशंस इंटरनेशनल चिल्ड्रेंस इमरजेंसी फंड (यूनिसेफ) की स्थापना की गयी. इसका उद्देश्य युद्ध से प्रभावित बच्चों के जीवन को संवारना और सुरक्षित बनाना था, ताकि विध्वंस के शिकार समाज का पुनर्निर्माण किया जा सके और एक नयी आशा का संचार किया जा सके। यूनिसेफ की स्थापना के साथ ही संयुक्त राष्ट्र की मूल प्रकृति के अनुसार यह घोषणा की गई  कि यह संगठन बच्चों को सहायता प्रदान करने में जाति, धर्म, राष्ट्रीयता, राजनीतिक विचारधारा आदि किसी भी आधार पर भेदभाव नहीं करेगा. इसी भावना के तहत यूनिसेफ के पहले कार्यकारी निदेशक मॉरिस पेट ने अपनी नियुक्ति के लिए शर्त रखी कि संगठन के द्वारा सभी बच्चों को सहायता प्रदान की जाएगी, जिसमें मित्र और पूर्व के शत्रु देशों के बच्चे भी शामिल होंगे। 1953 में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने संगठन को स्थायी मान्यता प्रदान की साथ ही एक छोटा नाम भी दिया, जिसे यूनिसेफ के नाम से जाना गया. हालांकि, यूनाइटेड नेशंस चिल्ड्रेंस फंड, जो नाम स्थापना के समय संगठन को दिया गया था।  इसका मुख्यालय न्यूयॉर्क में है। इसके 100   से अधिक शहरों में कार्यालय हैं और 190  से अधिक स्थानों पर इसके कर्मचारी कार्यरत हैं। वर्तमान में यूनीसेफ फंड एकत्रित करने के लिए विश्व स्तरीय एथलीट और टीमों की सहायता लेता है।


संयुक्त राष्ट्र बाल कोष: उद्देश्य


संयुक्त राष्ट्र बाल कोष का उद्देश्य अल्पविकसित देशों में स्थायी बाल स्वास्थ्य व कल्याण सेवाओं की स्थापना के लिए सहायता प्रदान करना है। यूनीसेफ 190 से अधिक देशों में बच्चों को शिक्षा, पोषण व स्वास्थ्य सम्बंधी सहायता देता है। यह रोग परियोजनाओं के लिए भी आपूर्ति उपलब्ध कराता है। यह शैक्षिक एवं स्वास्थ्य देखभाल क्षेत्र में रोजगार हेतु लोगों को प्रशिक्षण प्रदान करता है।

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष: संरचना
संयुक्त राष्ट्र बाल कोष एक स्वायत्त संगठन है।  इसकी मुख्यता: तीन अंग है :
1. जनरल कॉन्फ्रेंस
2. कार्यकारी बोर्ड
3. सचिवालय

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष: कार्य

यूनिसेफ के अनुसार प्रत्येक बच्चा स्वास्थ्य, सुरक्षित बचपन आदि के समान अधिकार के साथ पैदा होता है।  इसका मिशन सभी बच्चों पर केंद्रित है, जिसमें बच्चों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ शिक्षा, सामाजिक संरक्षण, सुरक्षित पेयजल एवं स्वच्छता आदि शामिल है। यूनिसेफ के अनुसार  गरीबी, बीमारी और भुखमरी का चक्र वैश्विक विकास में बाधा है और यह बच्चों के मानवाधिकारों का उल्लंघन है. बच्चों के अधिकार यूनिसेफ के कार्यों को ऐसे विश्व के निर्माण के लिए दिशा प्रदान करता है, जहां सभी बच्चों के पास समान अवसर उपलब्ध हों।


यूनीसेफ विश्व में टीकों का सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता है तथा यह विश्व स्वास्थ्य संगठन के साथ मिलकर कार्य करता है। यूनीसेफ के प्रोत्साहन स्वरूप 1989 में महासभा द्वारा बाल अधिकारों पर संधि को स्वीकार किया गया। यह संधि 1990 से लागू हुई। यूनीसेफ बच्चों की सुरक्षा एवं विकास की दिशा में कार्य करने के लिए राष्ट्रों को प्रतिबद्ध करने हेतु अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन भी ओयोजित करता है।
वर्तमान में यूनीसेफ मुख्यत: पांच प्राथमिकताओं पर केन्द्रित है। बच्चों का विकास, बुनियादी शिक्षा, लिंग के आधार पर समानता (इसमें लड़कियों की शिक्षा शामिल है), बच्चों का हिंसा से बचाव, शोषण, बाल-श्रम के विरोध में, एचआईवी एड्स और बच्चों, बच्चों के अधिकारों के वैधानिक संघर्ष के लिए काम करता है।

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