विश्व स्वास्थ्य संगठन  एक महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय संगठन है। यह विश्व के देशों के स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं पर आपसी सहयोग एवं मानक विकसित करने वाली  एक महत्त्वपूर्ण संस्था है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की स्थापना 7 अप्रैल, 1948 को की गई  थी। यह संयुक्त राष्ट्र संघ की एक अनुषांगिक इकाई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के 194 ( 2013 के अनुसार)  सदस्य देश  हैं।

इसका उद्देश्य संसार के लोगों के स्वास्थ्य का स्तर ऊँचा करना है। डब्‍ल्‍यूएचओ का मुख्यालय स्विटजरलैंड के जेनेवा शहर में स्थित है। भारत भी विश्व स्वास्थ्‍य संगठन का एक सदस्य देश है और इसका भारतीय मुख्यालय राजधानी दिल्ली में स्थित है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन: उद्देश्य


विश्व स्वास्थ्य संगठन का मुख्य उद्देश्य सभी लोगों के लिए स्वास्थ्य के उच्चतम संभव स्तर की प्राप्ति में सहायता प्रदान करना है। विश्व स्वास्थ्य संगठन को सर्वाधिक सफल संयुक्त राष्ट्र अभिकरणों में से एक माना जाता है। यह अंतरिम स्वास्थ्य कार्यों से सम्बंधित समन्वयकारी प्राधिकरण के रूप में कार्य करता है तथा स्वास्थ्य मामलों में सक्रिय सहयोग को प्रोत्साहित करता है। इसके कार्यक्रमों में स्वास्थ्य सेवाओं का विकास, रोग निवारण व नियंत्रण, पर्यावरणीय स्वास्थ्य का संवर्द्धन, स्वस्थ मानव शक्ति विकास तथा जैव-चिकित्सा, स्वास्थ्य सेवाओं, शोध व स्वास्थ्य कार्यक्रमों का विकास एवं प्रोत्साहन शामिल है।  इसके अतिरिक्त ,  विश्व स्वास्थ्य  संगठन सदस्य देशों को उन स्वास्थ्य सेवाओं के विकास में सहयोग प्रदान करता है, जिनका लक्ष्य सभी के लिए स्वास्थ्य देखभाल सुनिश्चित करना, मातृ एवं बाल स्वास्थ्य को संवर्द्धित करना, परिवार नियोजन, पोषण, स्वास्थ्य शिक्षा व् स्वास्थ्य अभियांत्रिकी स्वच्छ जलापूर्ति व सफाई व्यवस्था, संक्रामक रोगों की रोकथाम, दवाओं व टीकों का उत्पादन व गुणवत्ता नियंत्रण तथा शोध प्रोत्साहन इत्यादि होता है। संगठन स्वास्थ्य आकड़ों के संग्रहण, विश्लेषण एवं वितरण में भी सहयोग करता है तथा रोग लक्षणों, बीमारियों व उपचारों के सम्बंध में तुलनात्मक अध्ययनों को प्रायोजित करता है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन:  संक्षिप्त इतिहास
विश्व स्वास्थ्य संगठन  के संविधान को 22 जुलाई, 1946 को स्वीकार किया गया और यह 7 अप्रैल, 1948 से लागू हो गया। 15 नवंबर, 1947 को विश्व स्वास्थ्य संगठन संयुक्त राष्ट्र का विशिष्ट अभिकरण बन गया। विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा जन-स्वास्थ्य के अंतरराष्ट्रीय कार्यालय के कार्यों तथा संयुक्त राष्ट्र राहत एवं पुनर्वास प्रशासन (यूएनआरआरए) की गतिविधियों को भी हाथ में ले लिया गया।

विश्व स्वास्थ्य संगठन : संगठनात्मक ढांचा


विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रमुख अंगों में विश्व स्वास्थ्य सभा, कार्यकारी बोर्ड, क्षेत्रीय समितियां तथा सचिवालय सम्मिलित हैं।
विश्व स्वास्थ्य सभा : सभी सदस्यों के प्रतिनिधित्व वाली विश्व स्वास्थ्य सभा विश्व स्वास्थ्य संगठन  का राजनीतिक अंग है। यह संगठन की सभी दीर्घकालिक योजनाओं को स्वीकृति देती है तथा बजट एवं वार्षिक कार्यक्रम तैयार करती है। सभा द्वारा अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य समझौतों की सिफारिश एवं अनुमोदन किया जाता है तथा तकनीकी स्वास्थ्य विनियमों को अंगीकृत किया जाता है।
कार्यकारी बोर्ड: 32 सदस्यीय कार्यकारी बोर्ड में सदस्य सरकारी प्रतिनिधियों के रूप में नहीं बल्कि अपनी व्यक्तिगत क्षमताओं के आधार पर कार्य करते हैं। बोर्ड की बैठक वर्ष में दो बार होती है तथा यह सभा का एजेंडा तैयार करता है और सभा के निर्णयों की क्रियान्विति पर निगरानी रखता है।
सचिवालय: सचिवालय का प्रमुख एक महानिदेशक होता है, जिसकी सहायता के लिए एक उप-महानिदेशक एवं कई सहायक महानिदेशक होते हैं।
अल्प केन्द्रीकृत संगठन: विश्व स्वास्थ्य संगठन  एक अल्प केन्द्रीकृत संगठन है। इसके कार्यक्रम छह क्षेत्रीय संगठनों द्वारा लागू किये जाते हैं, जिनमें प्रत्येक का प्रमुख एक निदेशक होता है। छह क्षेत्रीय संगठन एवं सम्बद्ध क्षेत्र इस प्रकार हैं :

क्षेत्रीय संगठनों से सम्बद्ध क्षेत्र तथा मुख्यालय
क्र.सं.   क्षेत्र                          मुख्यालय
1. दक्षिण-पूर्व एशिया        नई दिल्ली (भारत)
2. पूर्वी भूमध्यसागर          अलेक्जेंड्रिया (मिस्र)
3. पश्चिमी प्रशांत               मनीला (फिलीपीन्स)
4. अमेरिका                     वाशिंगटन डीसी
5. अफ़्रीका                      ब्रेजाविले (कांगो)
6. यूरोप                         कोपेनहेगन (डेनमार्क)

विश्व स्वास्थ्य संगठन: कार्य
विश्व स्वास्थ्य संगठन के कार्य इस प्रकार है:

  • विश्व स्वास्थ्य संगठन अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य सम्बंधी मामलों में सिफारिशें प्रस्तुत करता है तथा विभिन्न संधियों, समझौतों व विनियमों का प्रस्ताव रखता है।
  • यह रोगों की अंतरराष्ट्रीय नामावली की समीक्षित व संशोधित करता है तथा खाद्य व औषधीय पदार्थों के अंतरराष्ट्रीय मानकीकरण की विकसित एवं प्रोत्साहित करता है। पिछले वर्षों में संगठन द्वारा वर्ष 2000 तक सभी के लिए स्वास्थ्य नामक मुख्य सामाजिक लक्ष्य-की प्राप्ति हेतु राष्ट्रीय, क्षेत्रीय व भूमंडलीय रणनीतियों को प्रोत्साहित किया गया।
  • विश्व स्वास्थ्य सगठन ने टीकाकरण कार्यक्रमों में विशेष सफलता अर्जित की है। छोटा चेचक टीकाकरण अभियान द्वारा छोटा चेचक को पूरी तरह उन्मूलत कर दिया गया है। संगठन एड्स-विरोधी प्रयासों को भी समन्वित करता रहा है।

  • शोध: विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा कैंसर, हृदय रोग व मस्तिष्क शोथ जैसी गैर-संचारी बीमारियों के विषय में भी शोध कार्यों को सघन किया है। डब्ल्यूएचओ ने दस प्रमुख जानलेवा बीमारियों की पहचान की है, जिनमें कैंसर, सेरिब्रोवैस्क्यूलर डिजीज, एक्यूट लोअर रेस्पायरेटरी इन्फेक्शन, पेरीनेटल कंडीशंस, टी.बी., कारोनरी हार्ट डिजीज, क्रॉनिक ऑबस्ट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज, अतिसार, डेसेन्टरी तथा एड्स या एचआईवी शामिल हैं।
  • संगठन द्वारा अनिवार्य औषधि एवं टीका कार्य योजना के अंतर्गत विकासशील देशों में प्रभावी व सुरक्षित औषधियों एवं टीकों के उत्पादन, चयन व गुणवत्ता नियंत्रण हेतु सहायता उपलब्ध करायी जाती है। 1990 में आरंभ किये गये पदार्थ दुरुपयोग कार्यक्रम का उद्देश्यमनोसक्रिय दवाओं एवं पदार्थों की मांग को घटना और नियंत्रित करना है। डब्ल्यूएचओ संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में मानवीय आधार पर स्वास्थ्य सहायता भी उपलब्ध कराता है।

 
विश्व स्वास्थ्य दिवस
हर वर्ष विश्व स्वास्थ्य संगठन  के स्थापना दिवस पर 7 अप्रैल को पूरे विश्व में विश्व स्वास्थ्य दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य विश्व  में लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना और जनहित को ध्यान में रखते हुए सरकार को स्वास्थ्य नीतियों के निर्माण के लिए प्रेरित करना है।

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