देश के बड़े प्रदेशों में सबसे खराब स्वास्थ्य व्यवस्था उत्तर प्रदेश और बिहार में है। खास बात यह है कि इन दोनों राज्यों की स्थिति सुधरने के बजाय बिगड़ती जा रही है। नीति आयोग के हैल्थ इंडेक्स 2019 पर ये दोनों राज्य देशभर में 21 बड़े प्रदेशों की रैंकिंग में सबसे निचले पायदान पर हैं जबकि केरल पहले नंबर पर, आंध्र प्रदेश दूसरे और महाराष्ट्र तीसरे नंबर पर हैं। वहीं सात संघ शासित क्षेत्रों के हैल्थ इंडेक्स रैंकिंग में चंडीगढ़ पहले नंबर पर है जबकि दिल्ली पांचवें स्थान पर है। आयोग ने यह इंडेक्स विश्व बैंक और केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के साथ मिलकर जारी किया है। इसमें वर्ष 2017-18 में राज्यों के प्रदर्शन का आकलन किया गया है।
 
 
क्या है 
  1. ''हेल्दी स्टे्टस प्रोग्रेसिव इंडिया'' शीर्षक से जारी इस रिपोर्ट में कहा गया है कि बड़े राज्यों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्य का ओवरऑल हेल्थ इंडेक्स स्कोर सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले राज्य की तुलना में ढाई गुना है। 
  2. हेल्थ इंडेक्स पर 74.01 स्कोर के साथ केरल ने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए देशभर में बड़े राज्यों में पहला स्थान प्राप्त किया है जबकि 28.61 स्कोर के साथ उत्तर प्रदेश सबसे निचले पायदान पर है
  3. खास बात यह है कि वर्ष 2015-16 में हेल्थ इंडेक्स पर यूपी का स्कोर 33.69 था जो 5.08 अंक की गिरावट के साथ 28.61 पर आ गया है। इंडेक्स तैयार करते वक्त साल 2015-16 को आधार वर्ष माना गया है। जबकि 2017-18 को संदर्भ वर्ष माना गया है। इस तरह हेल्थ इंडेक्स पर बिहार का स्कोर भी 2015-16 में 38.46 से घटकर 32.11 पर आ गया है।
  4. इस तरह इन दोनों राज्यों की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। इसके अलावा उत्तराखंड के प्रदर्शन में भी बड़ी गिरावट आयी है। 2015-16 में हेल्थ इंडेक्स पर उत्तराखंड का स्कोर 40.20 था जो 2017-18 में बढ़कर 45.22 हो गया है। इसी तरह पंजाब, मध्य प्रदेश और दिल्ली का प्रदर्शन भी सुधरने के बजाय खराब हुआ है।
  5. वहीं कुछ राज्य ऐसे हैं जिन्होंने अपने प्रदर्शन में इस अवधि में खासा सुधार किया है। मसलन हेल्थ इंडेक्स पर हरियाणा की रैंकिंग वैसे तो 12वीं है लेकिन उसकी इंक्रीमेंटल रैंक पहली है। इसका मतलब यह हुआ है कि हरियाणा ने अपनी स्वास्थ्य व्यवस्था में तेजी से सुधार किया है। 2015-16 में हेल्थ इंडेक्स पर हरियाणा का स्कोर 46.97 था जो 2017-18 में बढ़कर 53.51 हो गया है।
  6. इसी तरह राजस्थान और झारखंड का प्रदर्शन भी बेहतर हुआ है। वर्ष 2015-16 में हेल्थ इंडेक्स पर झारखंड का स्कोर 45.33 था जो 2017-18 में बढ़कर 51.33 हो गया है। 
  7. ऐसे ही छत्तीसगढ़ भी अपना प्रदर्शन सुधारने में कामयाब रहा है। हिमाचल प्रदेश की छठी रैंक है और इसका प्रदर्शन भी बेहतर हुआ है। 2015-16 में हिमाचल प्रदेश का स्कोर 61.20 था जो 2017-18 में बढ़कर 62.41 हो गया है।
  8. नीति आयोग हेल्थ आउटकम जैसे नवजात मृत्यु दर और गवर्नेस एंड इन्फॉर्मेशन डोमेन जैसे स्वास्थ्य अधिकारियों के ट्रांसफर और इनपुट डोमेन जैसे मानकों के आधार पर हेल्थ इंडेक्स तैयार करता है।

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