केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में  वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद की पहली बैठक हुई। इस बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। बैठक में जीएसटी रजिस्ट्रेशन को आसान बनाने के लिए आधार के जरिए जीएसटी रजिस्ट्रेशन का फैसला लिया गया। इसके अलावा जीएसटी एंटी-प्रॉफिटीयरिंग अथॉरिटी के कार्यकाल को भी 2 साल के लिए बढ़ा दिया गया है
 
 
क्या है  
  1. नई सरकार के गठन के बाद जीएसटी परिषद की यह पहली बैठक थी। इस बैठक में कर्नाटक, मिजोरम और तेलंगाना को छोड़कर सभी राज्यों के मंत्री आए थे।
  2. जो व्यक्ति ऑनलाइन आवेदन कर सकता है, वह अपने आधार नंबर का उपयोग करके ओटीपी प्रमाणीकरण के माध्यम से जीएसटीएन पोर्टल पर खुद को पंजीकृत कर सकता है और जीएसटीएन पंजीकरण नंबर प्राप्त कर सकता है।
  3. जीएसटी काउंसिल ने कई बदलावों को मंजूरी दी है जो पिछले कुछ महीनों के दौरान किए गए थे। उदाहरण के लिए जीएसटी पंजीकरण सीमा 20 लाख रुपये से बढ़ाकर 40 लाख रुपये कर दी गई। पहले यह अधिसूचना के माध्यम से किया गया था। अब कानूनों में उचित बदलाव किए गए हैं।
  4. बैठक में जीएसटी काउंसिल ने जीएसटी के तहत एनुअल रिटर्न फाइल करने की समयसीमा 2 महीने बढ़ाकर 30 अगस्त 2019 कर दिया है। नया जीएसटी रिटर्न फाइलिंग सिस्टम 1 जनवरी 2020 से लागू होगा। जीएसटी काउंसिल ने इलेक्ट्रिक वाहनों पर जीएसटी की दर को 12 से घटाकर 5 फीसद और इलेक्ट्रिक चार्जर पर 18 से घटाकर 12 फीसद करने का प्रस्ताव समिति को भेजा है। 
  5. बैठक में लिए गए फैसलों में एंटी-प्रॉफिटीयरिंग अथॉरिटी (एनएनए) के कार्यकाल दो साल बढ़ाकर 30 नवंबर, 2021 कर दिया गया है। 

[printfriendly]