सेबी के पूर्व अध्यक्ष यूके सिन्हा की अध्यक्षता में जनवरी में बनाई गई एमएसएमई क्षेत्र की विशेषज्ञ समिति ने अपनी रिपोर्ट आरबीआइ के गवर्नर शक्तिकांत दास को सौंप दी है। रिज़र्व बैंक ने यह जानकारी दी है। इस आठ सदस्यीय समिति की स्थापना सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों के लिए फ्रेमवर्क की समीक्षा करने के लिए की गई थी।
 
 
क्या है 
  1. समिति को इस क्षेत्र पर हाल के आर्थिक सुधारों के प्रभावों का अध्ययन करने और इस क्षेत्र की आर्थिक और वित्तीय स्थिरता के लिए दीर्घकालिक समाधान ढूंढने का सुझाव भी दिया गया था। साथ ही इस समिति को इस क्षेत्र की वृद्धि को प्रभावित करने वाली संरचनात्मक समस्याओं की पहचान करने के लिए भी कहा गया था।
  2. रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया ने अपने एक बयान में कहा कि समिति ने विभिन्न हितधारकों के साथ विचार-विमर्श करके अपनी रिपोर्ट राज्यपाल को सौंप दी है। इस पैनल का एक उद्धेश्य एमएसएमई को मिलने वाले वित्त की पर्याप्त उपलब्धता और टाइमिंग को प्रभावित करने वाले कारकों की जांच करना भी था।
  3. इस समिति के सद्स्यों में एमएसएमई के विकास आयुक्त राम मोहन मिश्रा, वित्तीय सेवाओं के विभाग में संयुक्त सचिव पंकज जैन, एसबीआई के प्रबंध निदेशक पीके गुप्ता, आईसीआईसीआई बैंक के कार्यकारी निदेशक अनूप बागची, आईआईएम अहमदाबाद के प्रोफेसर अभिमान दास, इस्पिरिट फाउंडेशन के संस्थापक शरद शर्मा और द्वारा ट्रस्ट के चेयरपर्सन बिंदू अनंत शामिल हैं।

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