भारत ने इस्लामी देशों के संगठन ओआइसी के कश्मीर संबंधी उल्लेख को एक बार फिर 'अस्वीकार्य' बताते हुए खारिज कर दिया है और कहा है कि जम्मू एवं कश्मीर ओआइसी के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है और यह भारत का एक अभिन्न हिस्सा है। ओआइसी ने सऊदी अरब के यूसुफ अल्डोबेय को जम्मू एवं कश्मीर के लिए विशेष दूत नियुक्त किया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा, 'हम 31 मई को सऊदी अरब के मक्का में ओआइसी की 14वीं बैठक में मंजूर अंतिम बयान में भारत के अभिन्न हिस्से के बारे में अस्वीकार्य उल्लेख को एक बार फिर खारिज करते हैं।
 
क्या है 
  1. उन्होंने कहा कि जम्मू एवं कश्मीर राज्य भारत का एक अभिन्न हिस्सा है और इससे जुड़ा मामला ओआइसी के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि भारत यह बात दोहराता है कि ओआइसी को ऐसे अवांछित उल्लेखों से बचना चाहिए।
  2. गौरतलब है कि अंतरराष्ट्रीय संगठन ओआइसी में 57 सदस्य देश हैं और इनमें से 53 मुस्लिम बहुल देश हैं। मक्का में ओआइसी की 14वीं बैठक आयोजित हुई और मुस्लिम देशों के कई नेता इसमें शामिल हुए।
  3. बैठक में कश्मीर के संदर्भ में कथित मानवाधिकारों के हनन का विषय उठाया गया और भारत से वहां संयुक्त राष्ट्र आयोग और अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठन को जाने देने की अनुमति देने को कहा गया। 
  4. इससे पहले भी मार्च में भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा था कि जम्मू एवं कश्मीर भारत का एक अभिन्न अंग है और भारत के लिए यह पूरी तरह से आंतरिक मामला है।

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