अमेरिका में भारतीय मूल के दो अमेरिकियों को हर साल दिये जाने वाले ग्रेट इमिग्रेंड अवॉर्ड 2017 के लिए चुना गया है। इनमें से एडोब के प्रमुख शांतनु नारायन और पूर्व अमेरिकी सर्जन जनरल विवेक मूर्ति हैं जिन्हें इस से अवॉर्ड से सम्मानित किया जाएगा।

ये दोनों उन 38 लोगों में शामिल हैं जिन्हें देश के समाज, संस्कृति और आर्थिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिये हैं। 4 जुलाई को मनाए जाने वाले अमेरिकी स्वतंत्रता दिवस के दिन इन्हें वार्षिक सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। 39 वर्षीय मूर्ति का जन्म युके में हुआ है और वे हार्वर्ड और येल युनिवर्सिटी के पूर्व छात्र रह चुके हैं। उन्हें 2014 में पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के द्वारा इस पद पर पहले सबसे कम उम्र के भारतीय-अमेरिकी के तौर नियुक्त किया गया था।

 
क्या है 
  1. हालांकि ट्रंप प्रशासन के बाद मूर्ति को इस साल अप्रैल में उनके पद से हटा दिया गया था। 54 वर्षीय नारायण जो हैदराबाद के हैं और इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग में स्नातक डिग्रीधारी हैं, इसके अलावा कंप्युटर साइंस में स्नातकोत्तर हैं साथ ही युसी बरकेले से एमबीए हैं। 
  2. वे अमेरिकी-भारत व्यापार परिषद के बोर्ड के सदस्य भी हैं। वे उन सीईओ में भी शामिल थे जो इस सप्ताह वाशिंगटन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की राष्ट्रपति से द्विपक्षीय वार्ता के दौरान मौजूद थे। इन दोनों के अलावा अन्य सम्मानित व्यक्तियों में कनाडा के सोशल आंत्रप्रेन्योर जेफ स्कोल जिन्हें 2017 में फिलेन्थ्रॉपी के कार्नेज मेडल से सम्मानित किया जा चुका है। पेपल के कोफाउंडर युक्रेन के मैक्स लेवचीन, ईरानी मूल के फिलान्थ्रॉपिस्ट और ऑत्रप्रेन्योर हुसांग अंसारी हैं। 
  3. 2006 के बाद से हर साल 'न्युयॉर्क कार्नेज निगम' नागरिकों के उल्लेखनीय योगदान को पहचान कर उन्हें सम्मानित करता रहा है।  2017 के लिए 30 से अधिक देशों से इनका चयन किया गया है जो कई क्षेत्रों में पेशेवर नेतृत्व के उच्च स्तर का प्रतिनिधित्व करते हैं। 
  4. न्यूयॉर्क के कार्नेगी कॉरपोरेशन के अध्यक्ष, कार्टन ग्रेगोरीयन ने कहा, "यह अभियान हमें यह याद दिलाता है कि दूसरे देश के इन नागरिकों का संयुक्त राज्य अमेरिका की प्रगति में कितना योगदान है। आज हम उन्हें धन्यवाद कहते हैं।"
  5. न्युयॉर्क का कार्नेज कार्पोरेशन 1911 में स्कॉटिश इमिग्रेंट एंड्रयु कार्नेज के द्वारा स्थापित किया गया था। कार्पोरेशन का एजेंडा अतर्राष्ट्रीय शांति, शिक्षा और ज्ञान को बढ़ावा देना और एक मजबूत लोकतंत्र निर्माण में सहयोग पर फोकस करना है।