भारतीय नौसेना और रॉयल नेवी के बीच वार्षिक द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास का 2016 संस्करण कोंकण 16 को मुंबई और गोवा में 05 से 16 दिसम्‍बर, 2016 तक आयोजित किया

जाएगा। कोंकण अभ्‍यास का नाम भारत के पश्चिमी तटीय क्षेत्र के नाम पर रखा गया है, जिसे 2004 में संस्‍थापित किया गया था, तब से दोनों नौसेनाओं द्वारा इसकी बारी-बारी से मेज़बानी की जाती है और इसकी जटिलता, पैमाने और तीव्रता में लगातार वृद्धि हो रही है।

 
क्या है 
  1. यह अभ्‍यास मुंबई और गोवा में दो चरणों में आयोजित किया जाएगा। 
  2. पहले चरण का अयोजन 05 से 09 दिसम्बर, 2016 तक आयोजित किया जाएगा, जिसमें दोनों नौसेनाएं‍ मिलकर कमान योजना अभ्‍यास करेंगी। इसमें दोनों तरफ के योजनाकार संयुक्त समुद्री परिचालनों के बारे में योजना बनाएंगे। 
  3. दूसरा चरण 12 से 16 दिसम्‍बर, 2016 तक गोवा में आयोजित किया जाएगा, जो एक जीवंत अभ्‍यास होगा, जिसमें मरीन कमांडो (मार्कोस) और रॉयल मरीन के बीच बातचीत होगी। 
  4. दोनों चरणों में, विशेष रूप से मानवीय सहायता और आपदा राहत (एचएडीआर) और नॉन कॉम्‍बेटेंट निकासी परिचालन (एनइओ) के क्षेत्र में हाल के परिचालनों से प्राप्‍त अनुभवों और श्रेष्‍ठ प्रक्रियाओं को साझा किया जाएगा।
  5. कोंकण 16, कोंकण श्रृंखला के तत्वावधान में समुद्री बातचीत के लिए एक महत्वपूर्ण अध्याय साबित होगा, क्योंकि इससे दोनों नौसेनाएं एक दूसरे की योजना प्रक्रियाओं से परिचित होंगी और इससे तालमेल और अंतर परिचालनता को बढ़ाने में मदद मिलेगी। 
  6. इसके अलावा, मार्कोस और रॉयल मरीन की भागीदारी से इस अभ्यास में एक और आयाम जुड़ेगा, जिससे दोनों नौसेनाओं को समुद्री सुरक्षा परिचालनों के क्षेत्र में बातचीत करने और सहयोग करने का महत्वपूर्ण अवसर उपलब्‍ध होगा।
  7. वर्तमान संस्करण से भारत और ब्रिटेन के बीच मित्रता की मौजूदा स्थिति को और मजबूत बनाने और वैश्विक रूप से समुद्री सुरक्षा के लिए मिलकर काम करने की क्षमता को बढ़ाने में मदद मिलेगी।