तमिलनाडु की सीएम जे जयललिता का 5 दिसम्बर 2016 को देर रात को निधन हो गया। जयललिता 22 सितंबर से यहां के अपोलो अस्पताल में भर्ती थीं। जयललिता को 5 दिसम्बर

2016 को दिल का दौरा पड़ा था। 68 वर्षीय जयललिता के निधन की खबर के बाद अस्पताल के बाहर समर्थकों की भारी भीड़ जमा हो गई है। समर्थकों ने अस्पताल के बाहर हंगामा शुरू कर दिया है। खास तौर महिलाओं ने बड़ी संख्या में पहुंच कर वहां रोना शुरू कर दिया है। अस्पताल के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। जया को बुखार और डिहाइड्रेशन की शिकायत के बाद 22 सितंबर को अस्पताल में भर्ती करवाया गया था।

 
क्या है 
 
  1. तमिलनाडु की राजनीति में 'अम्मा' के नाम से मशहूर जयललिता का जन्म 24 फरवरी 1948 को एक रूढ़िवादी तमिल ब्राह्मण परिवार में हुआ था। 
  2. जन्म के समय जयललिता को उनकी दादी का नाम कोमलावल्ली दिया गया था। छह बार तमिलनाडु की सीएम रहीं जयललिता को शुरुआती लोकप्रियता एक नेता के तौर पर नहीं बल्कि ऐक्ट्रेस के तौर पर मिली थी। 
  3. जयललिता ने चेन्नै में क्लासिकल म्यूजिक, वेस्टर्न क्लासिकल पियानो और कई तरह के क्लासिकल डांस की ट्रेनिंग ली थी। तमिल सिनेमा में नाम कमा चुकीं जयललिता का राजनीतिक करियर 1982 में शुरू हुआ। 
  4. दक्षिण भारत की राजनीति के आइकॉन और AIADMK के संस्थापक मरुदुर गोपालन रामचंद्रन (MGR) 1982 में इस खूबसूरत हिरोइन को राज्य की राजनीति में लेकर आए थे
  5. 1987 में एमजीआर की मृत्यु ने तमिलनाडु की राजनीति के साथ-साथ AIADMK के भीतर भी भूचाल ला दिया। पार्टी जयललिता और एमजीआर की पत्नी जानकी रामचंद्रन के बीच दो हिस्सों में टूट गई। वर्चस्व की यह लड़ाई इतनी भयानक हुई कि जयललिता को उनके राजनीतिक अभिभावक एमजीआर के अंतिम संस्कार में शामिल भी नहीं होने दिया गया।
  6. AIADMK में कई उतार-चढ़ाव के बाद भी जयललिता तमिलनाडु की राजनीति में कद्दावर नेता बनकर उभरीं। 
  7. जयललिता 1991 में पहली बार कांग्रेस की मदद से तमिलनाडु की सबसे कम उम्र की सीएम बनीं। इसके बाद जयललिता ने फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। 
  8. 2016 के विधानसभा चुनावों में जयललिता ने सत्ता परिवर्तन की परिपाटी को ध्वस्त कर दिया था और जयललिता के नेतृत्व में AIADMK ने कांग्रेस और डीएमके के गठबंधन को धूल चटा 134 सीटें जीतने में सफलता पाई थी। जीत के बाद जयललिता छठी बार राज्य की सीएम बनी थीं