ब्रिटेन की सुप्रीम कोर्ट ने 5 दिसम्बर 2016 को ब्रैक्जिट मामले पर टेरीजा मे सरकार की अर्जी पर सुनवाई शुरू की। यह सुनवाई हाई कोर्ट के उस आदेश के खिलाफ की जा रही है जिसमें

उसने ब्रैक्जिट पर किसी तरह की वार्ता या प्रक्रिया शुरू करने से पहले संसद की स्वीकृति लेने के लिए कहा है।

 
क्या है 
  1. हाई कोर्ट के आदेश से प्रधानमंत्री टेरीजा के 28 देशों वाले यूरोपीय यूनियन छोड़ने की योजना को झटका लगा है। इस मुद्दे पर हुए जनमत संग्रह में जनता ने यूरोपीय यूनियन छोड़ने पर सहमति जता दी है। इसी के चलते डेविड कैमरन को प्रधानमंत्री पद छोड़ना पड़ा था।
  2. सुनवाई की शुरुआत करते हुए सुप्रीम कोर्ट के अध्यक्ष लॉर्ड न्यूबर्गग ने कहा कि 11 सदस्यों वाली संविधान पीठ जानती है कि इस मुद्दे से जनता की भावनाएं जुड़ी हुई हैं। 
  3. साथ ही कई राजनीतिक पेचीदिगियां भी यूरोपीय यूनियन छोड़ने के मुद्दे से जुड़ी हुई हैं। इसलिए हमें पूरी निष्पक्षता से मामले की सुनवाई करनी है और कानून के अनुसार ही फैसला देना है। 
  4. उन्होंने बताया कि इस मामले के न्यायाधीशों को दी जा रही धमकियों से कानूनी तरीके से निपटा जाएगा। नवंबर महीने में आए हाई कोर्ट के आदेश की सुनवाई करके सुप्रीम कोर्ट को उस पर अगले साल में जल्द से जल्द फैसला सुनाना है।