देश की सबसे बड़ी स्पेक्ट्रम नीलामी आज (१ अक्टूबर २०१६) शुरू हो गई। इसके तहत 5.63 लाख करोड़ रूपये की स्पेक्ट्रम नीलामी की उम्मीद है। इस

नीलामी में देश की प्रमुख दूरसंचार कंपनियां भाग लेंगी। इनमें रिलायंस जियो, वोडाफोन, आइडिया सेल्युलर और भारती एयरटेल शामिल हैं। इस नीलामी में आवंटित होने वाली स्पेक्ट्रम को अगली पीढी की दूरसंचार सेवाओं के लिये जरूरी माना जा रहा है। सरकार ने इस नीलामी के लिये समाप्ति की कोई सीमा नहीं रखी है। टाटा टेलीसविर्सिज, रिलायंस कम्युनिकेशंस और एयरसेल भी स्पेक्ट्रम खरीदारी के लिये दौड़ में शामिल हैं। इससे पहले वर्ष 2010 में 3जी स्पेक्ट्रम में 2100 मेगाहट्र्ज बैंड के लिये 34 दिन तक सबसे लंबा बोलियों का दौर चला था

 
क्या है
  1. सभी स्पेक्ट्रम की नीलामी एक ही मॉडल के अनुरूप होगी। दूरसंचार विभाग हर दिन के अंत में बोलियों के परिणाम जारी करेगा। सरकार ने 2,354.55 मेगाहट्र्ज फ्रीक्वेंसी को सात बैंड में नीलामी के लिये पेश किया है। ये बैंड हैं -- 700 मेगाहट्र्ज, 800 मेगाहट्र्ज, 900 मेगाहट्र्ज, 1800 मेगाहट्र्ज, 2100 मेगाहट्र्ज, 2300 मेगाहट्र्ज और 2500 मेगाहट्र्ज। इस फ्रीक्वेंसी को 2जी, 3जी और तीव्र गति वाली 4जी मोबाइल सेवा में इस्तेमाल किया जा सकता है।
  2. दिग्गज निवेश बैंक गोल्डमैन सैक्स का अनुमान है कि इस नीलामी से भारत सरकार के खजाने में करीब 7 अरब डॉलर की रकम जमा होगी। 
  3. इस साल हमने नीलामी की नई प्रक्रिया अपनाई है। बयाने की रकम जमा कराए जाने के 30 दिन बाद स्पेक्ट्रम का आवंटन कर दिया जाएगा