राष्‍ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी ने सामाजिक न्‍याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा आयोजित एक समारोह में विख्‍यात नागरिकों एवं संस्‍थानों को वृद्धजनों,

विशेष रूप से निर्धन वरिष्‍ठ जनों के कल्‍याण की दिशा में किये गए उनके कार्यों के लिए राष्‍ट्रीय वृद्धजन पुरस्‍कार ‘वयोश्रेष्‍ठ सम्‍मान 2016’ प्रदान किया। केन्‍द्रीय सामाजिक न्‍याय एवं अधिकारिता मंत्री श्री थावर चंद गहलोत ने समारोह की अध्‍यक्षता की। इस अवसर पर सामाजिक न्‍याय एवं अधिकारिता राज्‍य मंत्री श्री विजय सांपला एवं सामाजिक न्‍याय एवं अधिकारिता राज्‍य मंत्री श्री कृष्‍णपाल गुर्जर, सामजिक न्‍याय एवं अधिकारित मंत्रालय में सचिव श्रीमती अनिता अग्निहोत्री एवं कई अन्‍य गणमान्‍य व्‍यक्ति भी उपस्थित थे। 

 
क्या है
  1. इन पुरस्‍कारों को 01 अक्‍टूबर को पड़ने वाले अंतर्राष्‍ट्रीय वृद्धजन दिवस (आईडीओपी) समारोह के एक हिस्‍से के रूप में प्रदान किया गया। राष्‍ट्रपति महोदय ने इस अवसर पर समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि सामाजिक न्‍याय एवं अधिकारिता मंत्रालय समाज में वृद्धजनों के विभिन्‍न राहत प्रदान करने के द्वारा एक अच्‍छा काम कर रहा है। 
  2. मंत्रालय के प्रयासों को भारत सरकार के अन्‍य मंत्रालयों द्वारा भी समर्थन प्राप्‍त हो रहा है, लेकिन यह समस्‍या बहुत विशाल है। हमारे देश में वरिष्‍ठ नागरिक, जिनकी उम्र 60 वर्ष से अधिक है, की संख्‍या लगभग साढ़े दस करोड़ है। इनमें से 5.1 करोड़ पुरूष एवं 5.3 करोड़ महिलाएं हैं। 
  3. वर्तमान अनुमानों से संकेत मिलता है कि वर्ष 2026 तक वरिष्‍ठ नागरिकों, पुरूष एवं महिला की संख्‍या क्रमश: 8.4 एवं 8.8 करोड़ अर्थात हमारी आबादी की कुल 10 प्रतिशत होगी। इसे देखते हुए वृद्ध देखभाल के लिए प्रशिक्षित श्रम बल एवं स्‍वास्‍थ्‍य आधारभूत ढांचे की आवश्‍यकता बढ़ेगी। उनके अधिकारों की सुरक्षा करने एवं उनके सामाजिक समावेश और आर्थिक स्‍वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्‍त संसाधनों की आवश्‍यकता होगी। वृद्ध आबादी का सामाजिक समावेश एक अपरिहार्य भाव प्रदर्शन है, जो हमारे वृद्धजनों से प्राप्‍त जीवन का उपहार एवं पोषण का केवल आंशिक रूप से प्रतिदान है।
पृष्ठभूमि 
  1. ‘’वयोश्रेष्‍ठ सम्‍मान’’ की स्‍थापना सामाजिक न्‍याय और अधिकारिता मंत्रालय ने वर्ष 2005 में की थी और इन्‍हें वर्ष 2013 में राष्‍ट्रीय पुरस्‍कारों की श्रेणी में रखा गया। 
  2. ये सम्‍मान वरिष्‍ठ नागरिकों विशेष तौर पर निर्धन वरिष्‍ठ नागरिकों की नि:स्‍वार्थ सराहनीय सेवा करने वाले संस्‍थानों और सुप्रसिद्ध वरिष्‍ठ नागरिकों को उनकी उत्‍तम सेवाओं और उपलब्धियों के सम्‍मान स्‍वरूप प्रदान किया जाता है।
  3. वर्ष 1999 में संयुक्‍त राष्‍ट्र आम सभा द्वारा 01 अक्‍तूबर को ‘सभी आयु के लिए एक समाज’ की थीम के रूप में अंतर्राष्‍ट्रीय वृद्धजन दिवस मनाये जाने संबंधी प्रस्‍ताव को पारित करने के बाद हर वर्ष 01 अक्‍तूबर को अंतर्राष्‍ट्रीय वृद्धजन दिवस के रूप में मनाया जाता है। 
  4. मंत्रालय द्वारा वर्ष 2005 से हर वर्ष इस दिन सुप्रसिद्ध वरिष्‍ठ नागरिकों और संस्‍थानों को वरिष्‍ठ नागरिकों विशेष तौर पर निर्धन वरिष्‍ठ नागरिकों को उत्‍कृष्‍ट सेवा प्रदान करने के सम्‍मान स्‍वरूप वयोश्रेष्‍ठ सम्‍मान से सम्‍मानित किया जाता है। 
  5. वर्ष 2013 से 13 विभिन्‍न श्रेणियों में वयोश्रेष्‍ठ सम्‍मान प्रदान किये जाते हैं और यह दूसरा वर्ष है जब ये राष्‍ट्रीय पुरस्‍कार प्रदान किये जा रहे हैं
  6. ये पुरस्‍कार केंद्र सरकार द्वारा वरिष्‍ठ नागरिकों के प्रति सरोकार और उनका समाज में विधि सम्‍मत स्‍थान सशक्‍त करने के प्रति प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करता है। इसके साथ ही यह युवा पीढ़ी को वरिष्‍ठ नागरिकों के समाज और राष्‍ट्र निर्माण में योगदान को समझने का एक अवसर भी प्रदान करता है। 
  7. वयोश्रेष्‍ठ पुरस्‍कारों के लिए समाज के विभिन्‍न क्षेत्रों के व्‍यक्तियों का चयन किया जाता है। पुरस्‍कार देशभर के किसी भी संस्‍था/संगठन या व्‍यक्ति को प्रदान किया जाता  है और इसके लिए सरकारी तथा गैर सरकारी संस्‍थाओं से नामांकन आमंत्रित किये जाते हैं।