कोर सेक्टर से जुड़े देश के प्रमुख आठ उद्योगों की आउटपुट ग्रोथ अगस्त महीने में 3.2 फीसदी ही रही। आपको बता दें कि बीते जुलाई महीने में भी

इन उद्योगों की आउटपुट ग्रोथ 3.2 फीसदी रही थी। बीते अगस्त महीने में कोयला, क्रूड ऑयल, नैचुरल गैस सेक्टर नकारात्मक रहा, वहीं रिफाइनरी प्रोडक्ट, फर्टिलाइजर और सीमेंट सेक्टर से कोर इंडस्ट्री को थोड़ी मजबूती मिली। कोर सेक्टर से जुड़े देश के प्रमुख आठ उद्योगों का इंडेक्स ऑफ इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन (आईआईपी) में योगदान करीब 38 फीसदी है। जानिए कैसा रहा सेक्टर्स का हाल।

 
कोयला:
अगस्त 2016 में पिछले साल इसी महीने की तुलना में कोयले के प्रोडक्शन में 9.2 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई थी। वहीं अप्रैल-अगस्त, 2016 के दौरान इसमें 2.6 फीसदी की बढ़ोत्तरी देखी गई।
 
क्रूड ऑयल:
 
अगस्त, 2016 में क्रूड ऑयल का उत्पादन 3.9 फीसदी गिर गया। वहीं अप्रैल-अगस्त, 2016 के दौरान इसमें 3.1 फीसदी की गिरावट देखी गई।
 
नैचुरल गैस:
 
अगस्त महीने में नैचुरल गैस प्रोडक्शन 5.7 फीसदी घटा। वहीं अप्रैल-अगस्त 2016 में इस सेक्टर में 4.2 फीसदी की गिरावट देखी गई। 
 
रिफाइनरी प्रोडक्ट:
 
पेट्रोलियम रिफाइनरी प्रोडक्ट में अगस्त के दौरान 3.5 फीसदी की ग्रोथ देखने को मिली। वहीं अप्रैल-अगस्त, 2016 के दौरान इस सेक्टर में 7.6 फीसदी की ग्रोथ दर्ज की गई।
 
फर्टिलाइजर्स:
 
फर्टिलाइजर का उत्पादन अगस्त, 2016 के दौरान 5.7 फीसदी बढ़ा। वहीं अप्रैल से अगस्त के दौरान इस सेक्टर में 6.4 फीसदी की ग्रोथ देखने को मिली। 
 
स्टील (एलाय और नॉन एलाय):
 
अगस्त, 2016 में स्टील प्रोडक्शन में 17 फीसदी की भारी गिरावट देखने को मिली। हालांकि अप्रैल-अगस्त, 2016 के दौरान इसमें 5.5 फीसदी की ग्रोथ देखी गई।
 
सीमेंट:
 
अगस्त, 2016 में सीमेंट प्रोडक्शन में 3.1 फीसदी की ग्रोथ देखी गई। वहीं अप्रैल-अगस्त 2016-17 के दौरान इसमें 4.4 फीसदी की ग्रोथ देखने को मिली। 
 
इलेक्ट्रिसिटी:
 
इसी महीने में इलेक्ट्रिसिटी जेनरेशन में 0.1 फीसदी की मामूली ग्रोथ देखने को मिली। वहीं अप्रैल-अगस्त, 2016 में 5.7 फीसदी की ग्रोथ दर्ज हुई।