देश में इलेक्ट्रिक वाहनों के चलन को बढ़ावा देने की दिशा में अहम कदम उठाते हुए जीएसटी काउंसिल ने इन वाहनों पर जीएसटी घटाने का फैसला किया है। इलेक्ट्रिक वाहनों पर अब महज पांच प्रतिशत जीएसटी लगेगा जबकि फिलहाल यह 12 प्रतिशत है। इसी तरह इलेक्ट्रिक वाहनों के चार्जर पर भी महज पांच प्रतिशत जीएसटी लगेगा। इलेक्ट्रिक वाहनों पर जीएसटी की नयी दरें आगामी एक अगस्त से प्रभावी होंगी। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में शनिवार को हुई जीएसटी काउंसिल की 36वीं बैठक में इलेक्ट्र्रिक वाहनों  पर जीएसटी की दर 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत करने का निर्णय किया गया। 
 
 
क्या है 
  1. इसी तरह काउंसिल ने इलेक्ट्रिक वाहनों के चार्जर स्टेशन पर जीएसटी की दर 18 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत करनेे का  फैसला भी किया। साथ ही स्थानीय निकायों या प्रशासन द्वारा 12 यात्रियों से अधिक क्षमता वाली इलेक्ट्रिक बसों को भाड़े पर लेने पर लगने वाले जीएसटी से छूट देने का फैसला भी किया। इलेक्ट्रिक वाहनों के संबंध में जीएसटी की दरें एक अगस्त 2019 से प्रभावी होंगी।
  2. काउंसिल की यह बैठक 25 जुलाई को होनी थी लेकिन संसद सत्र के दौरान सीतारमण की व्यस्तता के चलते अंतिम क्षण में यह बैठक टाल दी गयी। काउंसिल ने कंपोजीशन स्कीम के तहत चालू वित्त वर्ष में अप्रैल से जून की तिमाही के रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि भी 31 जुलाई से बढ़ाकर 31 अगस्त कर दी।
  3. उल्लेखनीय है कि भारत में इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग अभी शुरुआती दौर में है। सोसाइटी ऑफ मैन्युफैक्चरिंग ऑफ इलेक्ट्रिक व्हीकल (एसएमईवी) के अनुसार भारत में लगभग चार लाख दुपहिया वाहन हैं जबकि कारों की संख्या हजारों तक सीमित है। फिलहाल देश में जितनी कारें बिकती हैं, उनमें इलेक्ट्रिक वाहन एक प्रतिशत से कम हैं। माना जा रहा है कि अगले कुछ वर्षों में यह आंकड़ा पांच प्रतिशत पहुंच सकता है।