अमेरिका के एक सर्वोच्च कमांडर ने कहा है कि भारत का रूस से एस-400 मिसाइल रक्षा प्रणाली हासिल करना अमेरिका के लिए एक 'समस्या' है। उन्होंने आगे कहा कि वॉशिंगटन इस मुद्दे पर भारत के साथ बातचीत करता रहेगा। भारत ने रूस के साथ पिछले साल अक्टूबर में एक समझौता किया था जिसके तहत 40 हजार करोड़ की लागत से एस-400 मिसाइल प्रणाली ली जानी है
 
 
क्या है  
  1. हिंद प्रशांत कमान के कमांडर एडमिरल फिलिप डेविडसन ने कोलाराडो में एस्पन सिक्यॉरिटी फोरम को बताया, 'भारत एस-400 हासिल कर रहा है। यह रूस की वायु रक्षा प्रणाली है। यह थोड़ी समस्या है। लेकिन हम बातचीत जारी रखेंगे।'
  2. डेविडसन की यह प्रतिक्रिया पूर्व अमेरिकी कूटनीतिज्ञ निक बर्न्स के एक सवाल पर आई। बर्न्स ने भारत-अमेरिका असैन्य परमाणु करार में अहम भूमिका निभाई थी। उन्होंने कहा कि वह भारत को यह स्पष्ट करने की कोशिश कर रहे हैं कि रूसी वायु रक्षा प्रणाली की खरीद उसके लिये फायदेमंद नहीं है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी उपकरण दुनियाभर में बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं।
  3. डेविडसन की यह प्रतिक्रिया निक बर्न्स के एक सवाल के जवाब में आई है। निक बर्न्स एक अमेरिकन डिप्लोमेट हैं जिन्होंने भारत-अमेरिकी सिविलियन न्यूक्लियर डील में अहम भूमिका अदा की थी।
  4. उन्होंने कहा कि पिछले साल अमेरिका ने एक बेहद महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर किए जिसकी मदद से दोनों देश सूचनाएं और खुफिया जानकारियां साझा करते हैं। उन्होंने आगे कहा, 'यह वाकई एक टेक्निकल अग्रीमेंट है। लेकिन इसके जरिए हम भारत के साथ कुछ साझेदारी और योजनाएं चलाने में कामयाब रहे हैं जिनसे भारत की आंखें खुली हैं और हमारे रिश्ते तेजी से सुधरे हैं।'
  5. भारत में तेजी से बढ़ रहे डिफेंस ट्रेड का हवाला देते हुए डेविडसन ने कहा कि भारत अब सबसे बड़ा खरीदार है और अमेरिका के अलावा दुनियाभर में सबसे ज्यादा C-17 लिफ्ट एयरक्राफ्ट का रखने वाला देश है और ये एयरक्राफ्ट उसने अमेरिका से खरीदे हैं।