अयोध्या भूमि विवाद मामला पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला आया है। अयोध्या विवाद में मध्यस्थता पैनल ने अपनी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को सौंपी, ब्योरा गोपनीय रखा गया है और मध्यस्थता जारी रहेगी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा, 31 जुलाई तक मध्यस्थता के नतीजे बताए पैनल। मामले में अगली सुनवाई 2 अगस्त को होगी। हिंदू पक्षकार गोपाल सिंह विशारद ने अर्जी दाखिल कर कहा है कि मध्यस्थता में कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है, इसलिए कोर्ट मुख्य मामले पर जल्द सुनवाई करे। अयोध्या भूमि विवाद मामला की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने मध्यस्थता पैनल की रिपोर्ट देखी, लेकिन उसमें क्या है यह सार्वजनिक नहीं किया।
 
 
क्या है 
  1. कोर्ट ने पैनल से 31 जुलाई तक मध्यस्थता जारी रखने और रिपोर्ट देने को कहा है। कोर्ट 2 अगस्त को मामले पर फिर सुनवाई करेगा। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर मध्यस्थता पैनल की रिपोर्ट मे कुछ सकारात्मक नहीं निकला, तो वे 2 अगस्त को मामले पर रोज़ाना सुनवाई करने पर भी विचार करेंगे। इसी दिन और मुद्दे व सुनवाई की रूपरेखा भी तय होगी।
  2. बता दें कि इलाहाबाद हाई कोर्ट ने 2010 में विवादित भूमि को तीन बराबर हिस्सों में बांटने का आदेश दिया था। इससमें एक हिस्सा भगवान रामलला विराजमान और दूसरा निर्मोही अखाड़ा व तीसरा हिस्सा सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड को दिया था। 
  3. इस फैसले को भगवान राम सहित हिंदू-मुस्लिम सभी पक्षों ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। कोर्ट के आदेश से फिलहाल यथास्थिति कायम है। इस बीच आठ मार्च को शीर्ष कोर्ट ने अयोध्या विवाद को मध्यस्थता के जरिये सुलझाने के लिए सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश फकीर मुहम्मद इब्राहिम कलीफुल्ला की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति गठित कर दी। सर्वमान्य हल तलाशने के लिए समिति को 15 अगस्त तक का समय दिया गया है।
 
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