इस बजट में केंद्र सरकार ने उच्च आय वाले लोगों पर कर देयता को बढ़ाया है। इससे इस वर्ग के लोगों में असंतोष है। इस बीच सरकार ने कहा कि दो करोड़ रुपये ज्यादा सालाना कमाई करने वाले लोगों पर टैक्स बढ़ाने के बावजूद यह कई देशों के मुकाबले काफी कम है। अधिकारियों ने डेटा दिखाकर बताया कि कनाड़ा, अमेरिका और फ्रांस जैसे देशों में 'सुपर-रिच' लोगों पर कहीं ज्यादा टैक्स है। हालांकि नाराज लोगों की दलील है कि इन देशों में ज्यादा टैक्स लिया जाता है तो साथ में शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा जैसी मुफ्त सुविधाएं भी मुहैया कराई जाती हैं।
 
 
क्या है  
  1. अधिकारियों का कहना है कि इस श्रेणी में आने वाले लोग पब्लिक हेल्थकेयर और ऐजुकेशन पर निर्भर नहीं हैं। अधिकारियों का कहना है कि चीन, ब्रिटेन और दक्षिण अफ्रीका में अधिक आय वाले लोगों (हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल) पर लगने वाला टैक्स तुलना करने योग्य है। 
  2. अब दो करोड़ से पांच करोड़ रुपये कमाने वालों को 39 प्रतिशत इनकम टैक्स भुगतान करना होगा, जबकि 5 करोड़ रुपये से ज्यादा कमाने वाले लोगों को 42.7 प्रतिशत टैक्स देना होगा।
  3. एक अधिकारी ने बताया, '20-30 लाख रुपये कमाने वाले और करोड़ों में कमाई करने वाले लोगों के बीच असमानता का सवाल है। हमने पाया कि अन्य देशों में टैक्स की मात्रा काफी अधिक है। 
  4. 'सुपर-रिच' लोग, जिन्होंने एक मिलियन और दो मिलियन डॉलर या उससे ज्यादा कमाने वाले लोग भारत में 14 करोड़ रुपये कमाने वाले व्यक्ति से ज्यादा टैक्स देते हैं।'
  5. सरकार ने इस बारे में पुनर्विचार करने से मना कर दिया है। एक अधिकारी ने बताया, 'सुपर-रिच श्रेणी में आने वाले लोग मध्यम वर्ग में आने वाले लोगों के पीछे छिपने की कोशिश करते हैं। 
  6. जो लोग ज्यादा कमाते हैं, उन्हें राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए आगे आना चाहिए।' उन्होंने कहा कि सिंगापुर और दुबई जैसे देशों से तुलना करना उचित नहीं है।

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