अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। इसका असर अब दिखना भी शुरू हो गया है। ईरान ने अमेरिका का ड्रोन मार गिराया अब दोनों देशों के बीच तल्खी काफी बढ़ती जा रही है। इस बीच एयर इंडिया ने भी अपने विमानों को ईरान के एयरस्पेस में न भेजने का फैसला किया है। एयर इंडिया के सीएमडी अश्वनी लोहानी ने ईरान के एयरस्पेस से विमानों के न गुजरने पर कहा, 'एयर इंडिया की उड़ानों पर इसका कोई खास प्रभाव नहीं है। हालांकि आने वाले विमानों का रूट फिर से तय करने पर काम किया जा रहा है।' 
 
 
क्या है 
  1. भारत की सभी एयरलाइंस ने डीजीसीए (डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन) के साथ बातचीत के बाद ईरान के एयरस्पेस में न जाने का फैसला किया था। मानना था कि पैसेंजर्स की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ऐसा किया गया है। बताया गया कि फ्लाइट के वैकल्पिक रूट पर विचार किया जाएगा। हालांकि, इससे पहले भी दुनिया की कई एयरलाइंस ईरानी एयरस्पेस से किनारा कर चुकी है।
  2. यूनाइटेड एयरलाइंस ने शुक्रवार को ईरान के हवाई क्षेत्र से होकर न्यूयॉर्क से मुंबई आने-जाने वाली उड़ानों को रद्द कर दिया था। एयरलाइंस द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि सुरक्षा के चलते यह कदम उठाया गया है। बता दें कि ये फ्लाइट रोजाना शाम को न्यूयॉर्क के न्यूजर्सी एयरपोर्ट से मुंबई एयरपोर्ट पर आती है।
  3. एयरलाइंस द्वारा यह भी कहा गया है कि जब ईरान द्वारा अमेरिकी ड्रोन को मारा गया उस वक्त एक कमर्शियल एयरक्रॉफ्ट भी उसके बेहद नजदीक उड़ान भर रहा था। उन्होंने कहा कि ऐसे में दक्षिण एयरक्राफ्ट पर हमला होने का खतरा है। इसी वजब से कंपनी ने यह फैसला किया गया है।
  4. गौरतलब है कि ईरान ने अमेरिकी ड्रोन गिरा दिया गया। इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि ईरान ने ऐसा करके बहुत बड़ी गलती कर दी है।
  5. यह ड्रोन आरक्यू-4 ग्लोबल हॉक श्रेणी का था। वहीं एक अमेरिकी अधिकारी का कहना है कि ड्रोन नौसेना के एमक्यू-4सी ट्राइटन श्रेणी का था। यह ड्रोन होर्मुज जलसंधि के ऊपर अंतरराष्ट्रीय हवाई सीमा में उड़ान भर रहा था। 
  6. इससे पहले अमेरिकी सेना के प्रवक्ता ने भी कहा था कि अमेरिका का कोई विमान ईरान के हवाई क्षेत्र में नहीं घुसा था। अमेरिकी सेना ने हाल में ईरान द्वारा एक अमेरिकी ड्रोन के मार गिराने की पुष्टि की थी।

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