केन्‍द्रीय स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने प्रथम विश्‍व खाद्य सुरक्षा दिवस (07-जून-2019) के अवसर पर कहा, ‘मैं भारत के सभी नागरिकों से अपील करता हूं ‘सही खाओ’ मुहिम को जन भागीदारी के साथ उसी तरह जन आंदोलन का रूप दें, जिस प्रकार हम सबने एकजुट होकर भारत को पोलिया मुक्‍त बनाया है। उन्‍होंने कहा कि अनाज हर किसी का उत्‍तरदायित्‍व है- आइए, अनाज का एक भी दाना बर्बाद नहीं करने का संकल्प लें तथा अपने स्‍तर पर और अपने संस्‍थानों में, खाद्य सुरक्षा में योगदान देना सुनिश्चित करें। इससे गरीबी, भूख और कुपोषण को जड़ से मिटाने में मदद मिलेगी। 
 
क्या है 
  1. डॉ. हर्षवर्धन ने यह बात भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) द्वारा पहली बार मनाए जा रहे विश्‍व खाद्य सुरक्षा दिवस के अवसर पर कही। 
  2. विश्‍व खाद्य सुरक्षा दिवस का विषय, ‘खाद्य सुरक्षा सभी का सरोकार’ है। इस अवसर पर स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण राज्‍य मंत्री श्री अश्‍वनी कुमार चौबे भी मौजूद थे।
  3. डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी जी के नए भारत के विजन में स्‍वास्‍थ्‍य, सामाजिक सुरक्षा और पोषण शामिल है। उन्‍होंने अपने ‘मन की बात’ सम्‍बोधन में एफएसएसएआई के ‘सही खाओ अभियान’ के महत्‍व को स्‍वीकार किया है। उन्‍होंने कहा कि तंदुरूस्‍ती का आशय केवल रोगों और दुर्बलता की गैर मौजूदगी नहीं है, बल्कि शारीरिक, मानसिक, भावनात्‍मक और आध्‍यात्मिक कल्‍याण है।  
  4. इस कार्यक्रम में केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले सात राज्यों/केन्द्र शासित प्रदेशों को वर्ष 2018-19 के लिए सम्मानित किया। सम्मान प्राप्त करने वाले राज्य/केन्द्र शासित प्रदेश हैं- चंडीगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और तमिलनाडु
  5. एफएसएसएआई ने राज्यों द्वारा सुरक्षित खाद्य उपलब्ध कराने के प्रयासों के संदर्भ में पहला राज्य खाद्य सुरक्षा इंडेक्स (एसएफएसआई) विकसित किया है। 
  6. इस इंडेक्स के माध्यम से खाद्य सुरक्षा के पांच मानदंडों पर राज्यों का प्रदर्शन आंका जाएगा। इन श्रेणियों में शामिल हैं- मानव संसाधन और संस्थागत प्रबंधन, कार्यान्वयन, खाद्य जांच-अवसंरचना और निगरानी, प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण तथा उपभोक्ता सशक्तिकरण। श्रेणी में पुरस्कार प्राप्त करने वालों के बाद निम्न राज्यों के स्‍थान हैं- बिहार, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर, पंजाब और उत्तर प्रदेश।
  7. कई नगरों में तीसरे पक्ष द्वारा जांच और प्रशिक्षण प्रक्रिया के पश्चात ‘स्वच्छ स्ट्रीट फूड हब’ का प्रमाण पत्र दिया गया है। हाल में स्वर्ण मंदिर स्ट्रीट, अमृतसर को भी ‘स्वच्छ स्ट्रीट फूड हब’ की मान्यता दी गई है।
  8. डॉ. हर्षवर्धन ने नए युग का हाथ से पकड़ कर और बैट्री से चलने वाले ‘रमन 1.0’ नामक उपकरण का शुभारंभ भी किया। यह उपकरण खाद्य तेलों, वसा और घी में की गई मिलावट का एक मिनट से भी कम समय में पता लगाने में सक्षम है। 
  9. एक बार बैट्री चार्ज होने पर यह उपकरण 250 से अधिक नमूने का परीक्षण करके एक स्मार्ट डिवाइस का उपयोग करके कलाउड पर डेटा एकत्र कर सकता है। यह ऐसे 19 उपकरणों और विधियों में से एक है जिसे एफएसएसएआई में देश में खाद्य परीक्षण बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने के लिए वैकल्पिक रूप से अनुमोदित किया है। स्कूलों तक खाद्य सुरक्षा का मुद्दा ले जाने के लिए डॉ. हर्षवर्धन ने ‘फूड सेफ्टी मैजिक बॉक्स’ नामक नवाचारी समाधान की शुरूआत की है। 
  10. स्वास्थ्य मंत्री ने आईआईटी, गांधी नगर, आईआईटी रूड़की, एलबीएसएनएए मसूरी, यूनीलिवर बैंग्लुरू, विप्रो बैंग्लुरू, एचसीएल नोएडा और जेनपैक्ट गुरुग्राम को उनके अनुकरणीय मानकों के लिए सम्मानित किया। 
  11. यह कार्यक्रम खाद्य सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए समुदाय स्तर पर मान्यता देने के लिए आयोजित किया गया। एफएसएसएआई ने विश्वविद्यालयों, स्कूलों, कॉलेजों, संस्थानों, कार्यस्थलों, रक्षा/अर्ध सैनिक प्रतिष्ठानों, अस्पतालों और जेलों जैसे 7 परिसरों को ‘ईट राइट कैम्पस’ के रूप में घोषित किया है।
  12. एफएसएसएआई ने खाद्य कंपनियों और व्यक्तियों के योगदान को पहचान देने के लिए ‘ईट राइट एवार्ड’ की स्थापना की, ताकि नागरिकों को सुरक्षित और स्वास्थ्य कर खाद्य विकल्प चुनने में सशक्त बनाया जा सके। इससे उनके स्वास्थ्य और कल्याण में सुधार लाने में मदद मिलेगी।

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