आचार संहिता खत्म होते ही अब छत्तीसगढ़ में राइट टू हेल्थ स्कीम को लागू करने की तैयारी शुरू हो गई है। मिली जानकारी के मुताबिक जल्द ही छत्तीसगढ़ राइट टू हेल्थ स्कीम लागू करने वाला देश का पहला राज्य बन सकता है। इस योजना के लागू होने के साथ ही बिना स्मार्ट कार्ड के हर जरूरतमंद व्यक्ति को मुफ्त स्वास्थ्य सेवा मुहैया हो सकेगी। स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव इस योजना को लेकर काफी उत्साहित है। वे पहले ही कह चुके हैं कि नेशनल हेल्थ स्कीम की तर्ज पर राज्य में यह योजना लाई जा रही है। अभी स्मार्ट कार्ड से इलाज को लेकर काफी दिक्कतें सामने आ रही हैं। इस योजना के लागू होने से सभी प्रकार की बीमारियों में मरीजों को उचित चिकित्सकीय सहायता सरकार दे पाएगी। इस योजना को लागू करने में बाधा न आए इसलिए राज्य के सभी अस्पतालों में जल्द ही 350 पदों की भर्ती की जा रही है।
 
क्या है 
  1. लोगों को इलाज के लिए अब सरकार पूरी तरह सहायता मुहैया कराएगी। कोई भी व्यक्ति किसी भी तरह की बीमारी की अवस्था में नि:शुल्क स्वास्थ्य सेवा का लाभ ले सकेगा। 
  2. इसके लिए राज्य के सभी नागरिकों को यूनिवर्सल हेल्थ नंबर जारी किए जाएंगे। इस यूनिवर्सल हेल्थ नंबर के आधार पर हर एक व्यक्ति का मेडिकल रिकॉर्ड सरकार के पास सुरक्षित होगा।
  3. आवश्यक्ता होने पर यूनिवर्सल हेल्थ नंबर के आधार पर कोई भी मरीज नि:शुल्क उपचार की व्यवस्था का लाभ ले सकेगा। इस योजना को लागू करने के लिए जमीनी स्तर पर तेजी के साथ अधोसंरचना तैयार की जा रही है। 
  4. कहा जा रहा है कि प्रायोगिक तौर पर शुरू होने वाली इस योजना के अपेक्षित परिणाम सामने आने के बाद देश के अन्य कांग्रेस शासित राज्यों में भी इसे लागू किया जाएगा।
  5. पिछले दिनों इस योजना पर रायशुमारी के लिए एक राष्ट्रीय स्तर का सम्मेलन भी छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आयोजित किया गया था। इस सम्मेलन के दौरान ही इस योजना की नीतियां तैयार की गई थीं। 
  6. स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने इस योजना पर चर्चा करते हुए कहा कि हमारी सरकार कल्याणकारी राज्य के सिद्धांत पर काम कर रही है। हम राज्य के हर एक नागरिक को निर्बाध चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराना चाहते हैं। स्वास्थ्य के क्षेत्र में आजादी के बाद किया गया यह सबसे बड़ा कार्य होगा। 

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