2019 के लोकसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी 2014 से भी बड़ा बहुमत लेकर सत्ता में आई है। इस मोदी सरकार 2.0 के सामने अर्थव्यवस्था से जुड़ी क्या-क्या चुनौतियां होंगी इसका आकलन अभी से अर्थशास्त्रियों ने शुरू कर दिया है। अर्थशास्त्रियों का मानना है कि, मोदी सरकार के सामने आने वाले समय में मंदी से निपटना और नए रोजगार पैदा करना एक बड़ी चुनौती होगी। अर्थशास्त्रियों ने कहा है कि यह जीत कृषि संकट, युवा बेरोजगारी और आर्थिक विकास व वित्तीय प्रणाली में परेशानियों के बीच आई है। अर्थशास्त्रियों का कहना है कि नई सरकार को कंपनियों के लिए भूमि अधिग्रहण नियमों में ढील देनी चाहिए, श्रम सुधारों की शुरुआत करनी चाहिए व बैंकिंग प्रणाली में खराब ऋण समस्या को ठीक करना चाहिए। 
 
क्या है 
  1. एस एंड पी ग्लोबल रेटिंग्स के मुख्य अर्थशास्त्री (एशिया-प्रशांत) शॉन रोश ने कहा, ‘सरकार के सामने पहली चुनौती पहले से लागू प्रभावशाली सुधारों से लाभ प्राप्त करना है। विशेष रूप से जीएसटी और इन्सॉल्वेंसी व बैंकरप्सी कोड जिन्हें लाभ प्राप्त करने के लिए आगे सुव्यवस्थित किए जाने की आवश्यकता है।’
  2. सार्वजनिक बैंकों में परिसंपत्ति-गुणवत्ता के मुद्दों को हल करने के लिए निर्णायक उपाय, उनकी परिचालन दक्षता में सुधार, और गैर-बैंक वित्त क्षेत्र में तनाव को हल करना एक बड़ा कदम होगा। इससे क्रेडिट में सुधार आएगा और निजी क्षेत्र की वित्त तक पहुंच बढ़ेगी।"
  3. एसएंडपी के रोश ने यह भी कहा कि भारत को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में अपनी भागीदारी बढ़ाने और सकारात्मक वृद्धि व प्रौद्योगिकी स्पिलओवर के लिए अमेरिका और चीन के बीच मौजूदा व्यापार विवादों का लाभ उठाना चाहिए।
  4. इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च के मुख्य अर्थशास्त्री देवेंद्र पंत का कहना है कि नई सरकार के सामने मंदी से निपटने के साथ ही गैर मुद्रास्फीति दीर्घकालिक विकास को बनाए रखने की चुनौती होगी। 
  5. पंत ने आगे कहा कि सरकार को राजकोषीय सुदृढ़ीकरण से समझौता किए बिना कैपेक्स बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। साथ ही उन्होंन कहा कि कृषि संकट को कम करने और मजदूरों व रोजगार के मुद्दों को हल करने के लिए कदम उठाए जाने चाहिए।
  6. वहीं अन्‍र्स्‍ट एंड यंग (EY) इंडिया के मुख्य नीति सलाहकार डी के श्रीवास्तव ने कहा कि रेपो दर में 0.25 फीसद की अतिरिक्‍त कमी और सरकारी खर्च को कम करना व पूरे साल के बजट को प्रस्तुत करना सरकार की प्राथमिकताओं में होना चाहिए।

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