ईरान और अमेरिका में बढ़े तनाव के बीच फारस की खाड़ी क्षेत्र में भी टेंशन बढ़ गई है। अमेरिकी राजनयिकों ने आगाह किया है कि फारस की खाड़ी के ऊपर से गुजरने वाले कमर्शल विमानों को जोखिम का सामना करना पड़ सकता है। यह चेतावनी ऐसे समय में जारी की गई है जब ईरान ने कहा है कि वह खाड़ी देशों में अमेरिकी जहाजों को आसानी से निशाना बना सकता है। गौरतलब है कि पहले भी ईरान कहता रहा है कि वह तेल की आपूर्ति के लिहाज से महत्वपूर्ण इस समुद्री मार्ग (हॉर्मूज जलडमरूमध्य) को बंद कर सकता है। 
 
 
क्या है  
  1. अमेरिकी राजनयिकों ने उस जोखिम का जिक्र किया है जो मौजूदा तनाव से क्षेत्र के वैश्विक एयर ट्रैफिक के सामने पेश आ रहा है। 'लॉयड ऑफ लंदन' ने भी क्षेत्र में समुद्री नौवहन के लिए बढ़े खतरे की चेतावनी दी है। 
  2. उधर, अधिकारियों ने आरोप लगाया है कि संयुक्त अरब अमीरात के तट पर तेल के चार टैंकरों को निशाना बनाया गया और यमन में ईरान से जुड़े विद्रोहियों ने एक अहम सऊदी तेल पाइपलाइन पर ड्रोन हमला करने की जिम्मेदारी ली है।
  3. कुवैत और संयुक्त अरब अमीरात में तैनात अमेरिकी राजनयिकों ने चेतावनी देते हुए कहा है कि फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के ऊपर से गुजरने वाली सभी वाणिज्यिक उड़ानों को बढ़ी हुई सैन्य गतिविधियों और राजनीतिक तनाव से अवगत रहने की जरूरत है।
  4. ओबामा प्रशासन के समय में ईरान के साथ पी5+1 देशों, जर्मनी और यूरोपीय संघ की न्यूक्लियर डील पर सहमति बनी थी लेकिन राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के नेतृत्व वाली अमेरिका की नई सरकार इस डील से हट गई है। इसके बाद ईरान पर फिर से अमेरिका द्वारा कड़े प्रतिबंध लगा दिए गए हैं।
  5. ईरान की अर्थव्यवस्था प्रतिबंधों की वजह से प्रभावित हुई है। इसका असर भारत, चीन और पाकिस्तान जैसे देशों के तेल आयात पर पड़ रहा है। 
  6. उधर, बताया जा रहा है कि ट्रंप ईरान से बातचीत को तैयार हैं लेकिन ईरान ट्रंप के साथ सीधी बातचीत को तैयार नहीं है। 
  7. दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए अमेरिका ने अपने विमानवाहक पोत और बमवर्षक विमान तैनात कर दिए हैं।

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