चीन ने विश्व की पहली सशस्त्र उभयचर (पानी एवं जमीन पर चलने वाली) ड्रोन नौका का सफल परीक्षण किया। मीडिया में आई एक खबर के मुताबिक चीनी सैन्य विश्लेषकों का मानना है कि यह जमीन पर वार करने के अभियानों के लिए उपयोगी है और हवाई ड्रोनों एवं अन्य ड्रोन पोतों के साथ मिलकर यह युद्ध में त्रिकोण बना सकने में सक्षम है।
क्या है   
  1. सरकारी समाचार पत्र ‘ग्लोबल टाइम्स’ ने 15 अप्रैल 2019 को खबर दी कि चीन शिपबिल्डिंग इंडस्ट्री कॉर्पोरेशन (सीएसआईसी) के तहत आने वाले वुचांग शिपबिल्डिंग इंडस्ट्री ग्रुप द्वारा निर्मित ‘मरीन लिजर्ड’ नामक इस ड्रोन नौका ने डिलिवरी जांच सफलतापूर्वक पार की और वुहान में 8 अप्रैल को फैक्ट्री से बाहर आई। 
  2. एक अधिकारी ने बताया कि 1200 किलोमीटर की अधिकतम अभियान रेंज वाली मरीन लिजर्ड को उपग्रहों के माध्यम से रिमोट कंट्रोल किया जा सकता है। 
  3. पोत के रूप में विकसित 12 मीटर लंबी मरीन लिजर्ड तीन समांतर भागों वाली एक नाव है जो डीजल से चलने वाले हाइड्रोजेट की मदद से आगे बढ़ती है और रडार से बच निकलते हुए अधिकतम 50 नॉट की गति तक पहुंच सकती है। 
  4. खबर में अज्ञात अधिकारी के हवाले से कहा गया कि जमीन पर पहुंचने के करीब यह उभयचर ड्रोन नौका अपने अंदर छिपी चार ट्रैक इकाइयों को बाहर निकाल सकती है और जमीन पर प्रति घंटे 20 किलोमीटर की रफ्तार से चल सकती है। 
  5. करीब 178 अरब डॉलर के रक्षा बजट के साथ चीनी सेना (विश्व की सबसे बड़ी सेना) हाल के सालों में नये हथियारों की रेंज विकसित करने पर ध्यान दे रही है।

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