भारत सरकार की मानव संसाधन मंत्रालय (एचआरडी) ने देश के उच्‍च शिक्षण संस्‍थानों की रैंकिंग जारी की। इसमें शीर्ष के 10 स्‍थानों में सात आइआइटी का जलवा देखने को मिला। इस रैंकिंग में सबसे पहला स्‍थान आइआइटी मद्रास को मिला है। यह सूची एचआरडी विभाग ने जारी की है। इसमें इंडियन इंस्‍टीट्यूट ऑफ साइंस, बेंगलुरु को दूसरा स्‍थान और आइआइटी दिल्‍ली को तीसरा स्‍थान मिला है। इस लिस्‍ट में टॉप 10 के शिक्षण संस्‍थानों में ज्‍यादातर आइआइटियों का कब्‍जा दिखने को मिल रहा है। आइआइटी को देश के शिक्षण संस्‍थानों में अहम स्‍थान प्राप्‍त है।

क्या है 
  1. जवाहर लाल नेहरू (जेएनयू) को सातवां स्‍थान मिला है जबकि बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी दसवें पायदान पर है। दिल्‍ली विश्‍वविद्यालय (डीयू) के मिरांडा हाउस को देश के सभी कॉलेजों में बेस्‍ट माना गया है
  2. वहीं सेंट स्‍टीफन कॉलेज को चौथा स्‍थान मिला है। एचआरडी मिनिस्‍ट्री 2016 से नेशनल इंस्‍टीट्यूटों की रैंकिग जारी कर रहा है
  3. राष्‍ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद ने नई दिल्‍ली में आयोजित एक समारोह में इंडिया रैंकिंग्‍स -2019 को जारी किया और विभिन्‍न वर्गों में सर्वोच्‍च आठ संस्‍थानों को इंडिया रैंकिंग्‍स पुरस्‍कार प्रदान किए। 
  4. इंजीनियरिंग, प्रबंधन, फार्मेसी, वास्‍तु शास्‍त्र, विधि और चिकित्‍सा की रैंकिंग के अलावा कॉलेजों और विश्‍वविद्यालयों की रैंकिंग भी उनके वर्गीकरण के आधार पर की जा रही है। 
  5. रैंकिंग के कारण संस्‍थानों के बीच स्‍वस्‍थ प्रतिस्‍पर्धा की भावना विकसित हो रही है। यह इसलिए महत्‍वपूर्ण है क्‍योंकि सभी संस्‍थान प्रतिभाशाली शिक्षकों, छात्रों और शोधकर्ताओं को अपने यहां लाना चाहते हैं। यदि संस्‍थान उत्‍कृष्‍ट प्रतिभाओं को अपने यहां लाना चाहता है, तो उसके लिए समुचित परिसर और उत्‍साहवर्धक माहौल तैयार करने की आवश्‍यकता है।   
  6. विश्‍व के नामी विश्‍वविद्यालयों और उच्‍च शिक्षा संस्‍थानों में भारतीय शामिल हैं। हम चौथी औद्योगिक क्रांति के युग में रह रहे हैं, जहां नवाचार अर्थव्‍यवस्‍था फल-फूल रही है। 
  7. हमारा यह उद्देश्‍य तब तक पूरा नहीं हो सकता, जब तक हमारे पास समुचित शैक्षिक बुनियादी ढांचा मौजूद न हो। इसीलिए इंडिया रैंकिंग्‍स प्रणाली में संस्‍थान हिस्‍सा लेते हैं और इस भावना को विश्‍व में उत्‍कृष्‍टता हासिल करने के लिए कायम रखने की जरूरत है।