यूरोपीय संसद ने उस कानून को मंजूरी दे दी जो कि जिब्राल्टर की स्थिति पर विवाद के बावजूद "नो डील" ब्रेक्सिट के बाद भी ब्रिटेन को वीजा मुक्त यूरोपीय संघ के दौरे की अनुमति देता है। इस कानून का मतलब यह हुआ कि ब्रिटिश आगंतुकों को शेनजेन पासपोर्ट-मुक्त क्षेत्र में 90 दिनों से कम की यात्राएं करने की वीजा की आवश्यकता नहीं होगी, फिर चाहे भले ही ब्रिटेन बिना किसी सौदे के यूरोपीय संघ से बाहर निकल जाए।
 
क्या है 
  1. पार्लियामेंट ने इसको 502 वोटों के साथ अनुमति दी, जबकि इसके खिलाफ 81 वोट पड़े और 29 लोगों ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया। यह ब्रेग्जिट के परिणाम की परवाह किए बिना इस गर्मी में लाखों ब्रिटिश नागरिकों को छुट्टियां मनाने वाले भूमध्यसागर के तटों की ओर जाने की राह को आसान बनाता हैं।
  2. इसका कार्यान्वयन इस पर निर्भर करेगा कि इसके बदले में ब्रिटेन यूरोपीय संघ के नागरिकों को समान अधिकार देता है या नहीं। लेकिन लंदन ऐसा कह चुका है कि वो ऐसा करेगा और कानून के इस सिद्धांत पर उसका व्यापक समर्थन है।
  3. लेकिन इस कानून के सार ने ब्रुसेल्स में ही कड़वाहट पैदा करने का काम किया है, सदस्य राज्यों के बाद - स्पेन के आग्रह पर जिब्राल्टर के मसौदे को एक फुटनोट में संदर्भित किया गया कि यह "ब्रिटिश राज का एक उपनिवेश" है।
  4. संयुक्त राष्ट्र (यूएन) कानूनी रूप से जिब्राल्टर को "गैर-स्वशासित क्षेत्र" के रूप में सूचीबद्ध करता है, लेकिन ब्रिटेन का कहना है कि यह "यूके परिवार" का ही एक हिस्सा है और इसके नागरिकों ने स्वतंत्र रूप से ब्रिटिश बने रहने के लिए मतदान किया है।
  5. ईयू छोड़ने के ब्रिटेन के फैसले ने इस क्षेत्र पर स्पेन के लंबे समय से चले आ रहे दावे पर विवाद को फिर से जिंदा कर दिया है, जो कि स्पेनिश चुनावों की पृष्ठभूमि के खिलाफ है।

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