नीति आयोग 25 मार्च, 2019 को नई दिल्‍ली के डॉ. अम्‍बेडकर नगर अंतरराष्‍ट्रीय केन्‍द्र में एक दिनभर चलने वाले फिनटेक कॉनक्‍लेव का आयोजन किया। इसका उद्देश्‍य भारत के फिनटेक क्षेत्र में बढ़ती ऊंचाइयों को आकार देना, भविष्‍य की रणनीति एवं नीतिगत प्रयासों के लिए योजना बनाना तथा व्‍यापक वित्‍तीय समावेश के लिए कदमों पर विचार करना है। इस कॉनक्‍लेव में वित्‍तीय स्‍थान- केन्‍द्रीय मंत्रालयों, विनियामकों, बैकरों, स्‍टार्टअप्‍स, सेवा प्रदाताओं एवं उद्यमियों के प्रतिनिधि भाग लिए।
 
क्या है 
  1. इस कॉनक्‍लेव का उद्घाटन भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर करेंगे तथा इसमें सचिव (वित्‍तीय मामले विभाग), सचिव (वित्‍तीय सेवा विभाग), अध्‍यक्ष (सेबी), सचिव (एमईआईटीवाई), सचिव (राजस्‍व विभाग), सचिव (एमएसएमई), भारतीय रिजर्व बैंक के डिप्‍टी गवर्नर इत्‍यादि भाग लिए।
  2. यह कॉनक्‍लेव एचडीएफसी बैंक, इंडसइन्‍ड, आईसीआईसीआई बैंक, एसबीआई कार्ड, टाटा कैपिटल सहित प्रमुख वित्‍तीय संस्‍थान एवं बैंक बाजार, फोन पे, कैपिटल फ्लोट, ज़ेरोधा, पेटीएम, मोबिक विक, पे यू सहित फिनटेक एवं अग्रणी वैंचर कैपिटल निवेशक, राज्‍य सरकारें एमएसएमई एवं उद्योग के इन विषयों के विशेषज्ञों के तीन सौ से अधिक प्रतिनिधियों की मेजबानी की।
  3. कॉनक्‍लेव के समापन सत्र में वित्‍तीय समावेश के ग्राहक/व्‍यापारी की डिजिटल ऑन बोर्डिंग, मिलेनियल इंडिया के लिए वित्‍तीय उत्‍पादों का निर्माण, फिनटेक के उभरते क्षेत्र, फिनटेक उद्योग में निवेश में तेजी लाने तथा एमएसएमई का वित्‍तीय समावेश जैसे विषयों पर विभिन्‍न पैनलों के क्षेत्र-विशिष्‍ट निष्‍कर्षों के समेकन पर प्रस्‍तुतियां शामिल हुई।    
  4. डिजिटल इंडिया एवं वित्‍तीय समावेश के लिए स्‍वैच्छिक आधार सहित भारतीय अनेकता के विकास पर केन्द्रित भारत सरकार के प्रयासों के कारण वित्‍तीय प्रौद्योगिकी (फिनटेक) के क्षेत्र में विभिन्‍न हितधारकों के मन में उल्‍लेखनीय दिलचस्‍पी पैदा हुई है।
पृष्‍ठभूमि 
  1. भारत वैश्विक रूप से सबसे तेजी से बढ़ने वाले फिनटेक बाजारों में से एक है और इस उद्योग के अनुसंधानों ने अनुमान लगाया है कि 2029 तक एक ट्रिलियन डॉलर या खुदरा तथा एसएलई ऋण का 60 प्रतिशत डिजिटल तरीके से संवितरित हो जाएगा। 
  2. भारतीय फिनटेक प्रणाली विश्‍व में तीसरी सबसे बड़ी प्रणाली है जिसने 2014 से लगभग छह बिलियन डॉलर का निवेश आकर्षित किया है।
  3. भारतीय फिनटेक उद्योग उन्‍नत जोखिम प्रबंधन एवं कृत्रिम आसूचना में अत्‍याधुनिक बौद्धिक सम्‍पदा परिसंपतियों का सृजन कर रहा है जो भारत को वैश्विक डिजिटल अर्थव्‍यवस्‍था में आगे बढा़ने में मदद करेगा, इसके साथ-साथ प्रत्‍येक भारतीय को कागज विहीन तरीके से वित्‍त की सुविधा प्राप्‍त करने में सक्षम बनाएगा।