वित्त मंत्रालय और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने  25 मार्च 2019 जानकारी दी है कि अर्थव्यवस्था में तरलता (लिक्विडिटी) आरामदायक स्थिति में है। उन्होंने यह भी कहा कि इसमें रुपी-डॉलर स्वैप विंडो के जरिए 35,000 करोड़ रुपये का और बूस्ट दिया जाएगा। आर्थिक मामलों के विभाग के सचिव सुभाष चंद्र गर्ग ने पत्रकारों को बताया कि तरलता आरामदायक स्थिति में हैं। तरलता को बढ़ाने के लिए RBI की ओर से रुपये-डॉलर स्वैप व्यवस्था के नए उपकरण के बारे में पूछे जाने पर गर्ग ने कहा कि यह आरबीआई की ओर से उठाया गया सार्थक कदम है।
 
क्या है 
  1. सिस्टम में लिक्विडिटी की स्थिति आरामजनक है और केंद्रीय बैंक सिस्टम की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। अधिकारी ने बताया, "इस क्षण पर, मुझे नहीं लगता है कि बाजार में तरलता कोई मुद्दा है। अगर कुछ लोगों को पैसा नहीं मिल पा रहा है तो संभवत: इसका कारण उनकी बैलेंस शीट की समस्या है।"
  2. मार्च की शुरुआत में ही आरबीआई की ओर से रुपी-डॉलर स्वैप ऑक्शन की घोषणा की गई थी, जिसके जरिए घरेलू तरलता में 35,000 करोड़ रुपये डाले जाएंगे। 
  3. तीन साल के कार्यकाल के लिए 5 बिलियन अमेरिकी डॉलर की नीलामी 26 मार्च 2019 को आयोजित की जाएगी।