ब्रिटेन की संसद ने 12 मार्च 2019 देर रात प्रधानमंत्री टेरीजा मे के ब्रेग्जिट करार को दूसरी बार खारिज कर दिया। इससे ब्रिटेन के यूरोपीय संघ से अलग होने की तय तारीख से दो हफ्ते पहले देश अनिश्चितता के दौर में चला गया है। ब्रिटिश संसद के निचले सदन 'हाउस ऑफ कॉमंस' ने 242 के मुकाबले 391 वोटों से इस करार को खारिज कर दिया। इससे पहले ब्रिटेन की प्रधानमंत्री टेरीजा मे ने ब्रेक्जिट समझौते पर अपनी कन्जर्वेटिव पार्टी के सांसदों से अपील की थी कि वे अपनी 'निजी प्राथमिकताओं' को दरकिनार कर इस समझौते पर एकजुट हों। 
 
क्या है 
  1. ब्रिटेन को 29 मार्च को 28 सदस्यीय यूरोपीय संघ से अलग होना है लेकिन मे इस संबंधी समझौते को लेकर संसद में समर्थन हासिल करने के लिए संघर्ष कर रही हैं। 
  2. टेरीजा ने पिछले महीने अपनी पार्टी के सभी 317 सांसदों को पत्र लिखकर अपील की थी कि वे 'निजी प्राथमिकताओं' को दरकिनार करें। उन्होंने चेताया था कि यदि ब्रिटेन बिना किसी समझौते के ईयू से बाहर निकलता है तो इससे 'हमारी अर्थव्यवस्था और आमजन के दैनिक जीवन पर बुरा असर पड़ेगा। इससे देश और यूरोपीय संघ में रोजगार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।' 
  3. गौरतलब है कि ब्रिटेन के ‘हाउस ऑफ कॉमन्स’ ने जनवरी में भी समझौते को खारिज कर दिया था और इसमें ठोस बदलाव न होने की स्थिति में इसके मंगलवार को भी ऐसा ही करने की आशंका थी। 
  4. मे की इस हार के बाद ब्रिटेन के सांसद 13 मार्च 2019 को वोट देंगे कि बिना समझौते के 29 मार्च को ईयू को छोड़ा जाए अथवा नहीं।