राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) 11 मार्च 2019 को अपना 34वां स्थापना दिवस मनाएगा। एनसीआरबी के विभिन्न अधिकारियों को ब्यूरो में उनके कार्य की दिशा में उनके लगन एवं समर्पण के लिए श्लाघा प्रमाणपत्र के साथ-साथ एनसीआरबी क्रीडा एवं अन्य स्पर्धाओं के विजेताओं को पुरस्कृत किया जाएगा। इस अवसर पर एनसीआरबी कर्मचारियों के मेधावी बच्चों को भी पुरस्कृत किया जाएगा। इस अवसर पर एक सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया जा रहा है जिसमें एनसीआरबी कर्मचारी और उनके परिवार के सदस्य भाग लेंगे। ‘नृत्य मंजरी’ का एक नृत्य कार्यक्रम अपने प्रदर्शन से अतिथियों का मन लुभाएगा
 
क्या है 
  1. 1986 में गठित एनसीआरबी भारतीय पुलिस को सूचना प्रौद्योगिकी अधिकारिता के लिए अधिदेशित है तथा देश के अपराध आंकड़ों के संग्रह, रखरखाव एवं विश्लेषण के लिए उत्तरदायी है। यह जांच अधिकारियों को अद्यतन आईटी टूल्स एवं अपराधों की जांच में सूचना प्रदान करने में सहायक है।
  2. एनसीआरबी नीतिगत मामलों एवं अनुसंधान के लिए अपराध, दुर्घटनाओं, आत्महत्याओं तथा कारागृहों पर आंकड़ों के प्रमाणिक स्रोत के लिए एक नोडल एजेंसी है। 
  3. ब्यूरो देश में फिंगर प्रिंट विशेषज्ञों के प्रत्यायन सहित सभी फिंगर प्रिंस संबंधित मामलों के लिए भी शीर्ष नोडल एजेंसी है। ब्यूरो भारत सरकार की राष्ट्रीय ई-गर्वनेंस योजना के तहत एक मिशन मोड परियोजना, अपराध एवं अपराधियों की ट्रैकिंग नेटवर्क प्रणाली (सीसीटीएनएस) के कार्यान्वयन के लिए क्रियान्वयन तथा निगरानी एजेंसी है। इस परियोजना का उद्देश्य देश में पुलिस कार्य की दक्षता एवं प्रभावोत्पादकता में वृद्धि के लिए एक व्यापक एवं समेकित प्रणाली का सृजन करना है।
  4. एनसीआरबी भारतीय पुलिस अधिकारियों एवं विदेश पुलिस अधिकारियों के लिए सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) एवं फिंगर प्रिंट विज्ञान में प्रशिक्षण भी प्रदान करता है। 
  5. प्रशिक्षण के दौरान शामिल क्षेत्रों में साइबर अपराध जांच एवं डिजिटल फॉरेंसिक, सीसीटीएनएस, उन्नत फिंगर प्रिंट विज्ञान, नेटवर्क एवं ई-सुरक्षा, कलर्ड पोट्रेट बिल्डिंग सिस्टम इत्यादि शामिल हैं। हैदराबाद, गांधी नगर, लखनऊ एवं कोलकाता में चार क्षेत्रीय पुलिस प्रशिक्षण केन्द्र (आरसीपीटीसी) भी भारतीय पुलिस के निचले स्तर के कर्मचारियों के लिए ऐसे ही पाठ्यक्रमों का संचालन करते हैं।