सुप्रीम कोर्ट ने 18 फरवरी 2019 को तमिलनाडु के तूतीकोरिन स्थित वेदांता के स्टरलाइट प्लांट को फिर से खोलने से इनकार कर दिया है। कंपनी के इस प्लांट को प्रदूषण चिंताओं के चलते भारी विरोध प्रदर्शनों का सामना करना पड़ा था। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने कंपनी को हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने की इजाजत दे दी है। न्यायमूर्ति आर एफ नरीमन की अध्यक्षता वाली एक पीठ ने कहा कि वह तमिलनाडु सरकार की राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) के आदेश के खिलाफ दायर याचिका को केवल सुनवाई की योग्यता के आधार पर मंजूरी दे रही है। 
 
क्या है 
  1. पीठ ने यह भी कहा कि एनजीटी के पास संयंत्र को दोबारा खोलने की अनुमति देने का कोई अधिकार नहीं है। 
  2. सुप्रीम कोर्ट वेदांता समूह की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई कर रहा था, जिसमें उसने तमिलनाडु प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को एनजीटी के आदेश लागू करने का निर्देश देने की मांग की थी। एनजीटी ने संयंत्र को बंद करने के सरकार के निर्णय को खारिज कर दिया था।
  3. गौरतलब है कि फैक्ट्री से होने वाले पर्यावरण प्रदूषण के खिलाफ पिछले साल 22 मई को प्रदर्शन कर रहे लोगों की भारी भीड़ पर पुलिस फायरिंग में 13 लोगों की मौत हो गई थी। 
  4. इसके बाद तमिलनाडु सरकार ने 28 मई 2018 को स्टरलाइट प्लांट को पूर्ण रूप से बंद करने के आदेश दिए थे

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