ट्रूथ सेरम (Truth Serum) यानी सच उगलवाने दवाएं। ऐसा माना जाता है कि ये दवाएं इंसान के दिमाग को प्रभावित करती हैं और झूठ बोलने नहीं देती हैं। इन दवाओं के प्रभाव में इंसान हमेशा सच ही बोलता है। साल 1920 में पहली बार ट्रुथ सीरम शब्द का इस्तेमाल किया गया। सबसे पहले स्कोपोलामिन को सच उगलवाने वाली दवा के तौर पर इस्तेमाल किया गया। Truth SeruM शब्द 1920 से चलन में आया है। इन दवाओं का इस्तेमाल सीआईए, पुलिस और नाजी जासूसों ने किया। अब भी इन दवाओं का इस्तेमाल किया जाता है लेकिन दवाओं में किसी और मकसद से। मोशन सिकनेस की दवाओं और घातक इंजेक्शन में इसका इस्तेमाल होता है।
 
स्कोपोलामिन (Scopolamine) 
  1. पहली बार इसे डॉ.रॉबर्ट हाउस ने बढ़ावा दिया था। 20वीं सदी में truth serum के तौर अपनाई जाने वाली यह पहली दवा थी। 
  2. 1920 और 1930 की दहाई में अमेरिका की पुलिस संदिग्धों पर इसको इस्तेमाल करती थी। कुछ मामलों में तो जजों ने भी दवा के प्रभाव में गवाहों और आरोपियों के बयान लेने की अनुमति दे दी थी। 
  3. यह दवा एक पेड़ के बीजों से बनाई जाती है। जर्मनी में नाजी जासूस पूछताछ के लिए इसका इस्तेमाल करते थे। मौजूदा समय में मोशन सिकनेस और पार्किंसन की बीमारी के झटके को रोकने वाली दवाओं में इसका इस्तेमाल किया जाता है। स्कोपोलामिन को किसी गोली के साथ लिया जा सकता है। 
पेंटोथल या सोडियम थायोपेंटल (Pentothal or sodium thiopental)
  1. पेंटोथल जैसी दवाओं को डाउनर्स (downers) कहा जाता है। इस दवा के सेवन से इंसान को शांति महसूस होती है और आराम से नींद आ जाती है। इस दवा को दर्द से राहत, बेहोश करने, मांसपेशियों को आराम देने और ब्लड प्रेशर को कम करने में इस्तेमाल किया जाता है। 
  2. ये दवाएं आपके शरीर की प्रक्रिया को धीमा कर देती हैं ताकि आपके दिमाग तक सूचना नहीं पहुंचे। इसकी ज्यादा खुराक लेने से मौत भी हो सकती है। कई सिलेब्रिटी जैसे मर्लिन मुनरो, जुडी गारलैंड और जिमी हेंड्रिक्स की इसकी वजह से मौत हो गई। अमेरिका में इस दवा को पहली बार घातक इंजेक्शनों में भी इस्तेमाल किया गया। 
  3. साल 2011 से पहले तक अमेरिका में इसे बेहोश करने वाली दवा के तौर पर इस्तेमाल किया जाता था। लेकिन उसके बाद अमेरिका में इसके इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। 
  4. दरअसल 21 जनवरी, 2011 को इस दवा को बनाने वाली कंपनी ने इसके उत्पादन को बंद करने की घोषणा की। कंपनी को डर था कि इटली में सरकार मौत की सजा देने में इसका इस्तेमाल कर सकती है।
  5. यह कंपनी इस दवा की एकमात्र सप्लायर थी और जब उसने उत्पादन बंद कर दिया तो अमेरिका को भी इसके इस्तेमाल को बंद करना पड़ा। 
  6. साल 2007 में नई दिल्ली पुलिस ने मोनिंदर सिंह पंढेर और उसके नौकर सुरेंद्र कोहली को यह दवा दी थी। दोनों पर नोएडा में बच्चों के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या करने का आरोप था। दोनों ने दवाओं के प्रभाव में अपने जुर्म को स्वीकार किया था। 
सोडियम एमिटल या अमोबैरबिटल (Sodium Amytal or Amobarbital)
  1. यह भी एक तरह का डाउनर है। दूसरे विश्व युद्ध के दौरान व्यापक पैमाने पर इसका इस्तेमाल होता था। सैनिक इसे चिंता भगाने वाली दवा के तौर पर सेवन करते थे। 
  2. नींद न आने की बीमारी को दूर करने के लिए कभी-कभी इस दवा का इस्तेमाल किया जाता है। एक वयस्क व्यक्ति के लिए इसका 1 ग्राम काफी होता है। ज्यादा खुराक लेने पर मौत भी हो सकती है। 
  3. अब सच उगलवाने वाली दवा के तौर पर इसका इस्तेमाल नहीं होता है। 
एथाइल ऐल्कोहल (Ethyl Alcohol) 
  1. एथाइल ऐल्कोहल मतलब शराब! इटली में एक कहावत है विनो वेरिटास (vino veritas) यानी जहां शराब है, वहां सच है। इस कहावत का श्रेय रोम के एक दार्शनिक प्लिनी द एल्डर (Pliny the Elder) को दिया जाता है। 
  2. यानी इंसान करीब 2 हजार साल पहले से जानता है कि शराब के सेवन के बाद इंसान की जुबान बहकने लगती है और सच कहना शुरू कर देती है। अगर इसे इसके शुद्ध रूप यानी एथनॉल के रूप में लें तो और ज्यादा राज बाहर आने का खतरा रहता है। 
वाकई में काम करती हैं ये दवाएं?
  1. वॉशिंगटन पोस्ट के रिपोर्टर डेविड ब्राउन इन दवाओं के प्रभाव को खारिज करते हैं। उन्होंने 2006 में एक आर्टिकल में लिखा था कि अब तक कोई भी ऐसा फार्मासूटिकल कंपाउंड सामने नहीं आया है जो इंसान को सच बोलने के लिए मजबूर कर दे। 
  2. वैसे कई मामलों में अमेरिका की अदालतों ने इस तरह की दवाओं के इस्तेमाल की अनुमति दी है। अमेरिका के एक टीवी जर्नलिस्ट माइकल मोसली ने खुद पर इसका प्रयोग किया था। 
  3. पहली डोज लेने के बाद तो वह झूठ बोलने में कामयाब रहा था लेकिन दूसरी बार वह सच कहने से खुद को रोक नहीं पाया था। कुल मिलाकर कह सकते हैं कि इसके असर को लेकर लोगों की राय बंटी हुई है। कुछ का मानना है कि इसका असर होता है जबकि कुछ इसके असर को खारिज करते हैं। वैसे कई देशों में सच उगलवाने के लिए इन दवाओं का इस्तेमाल होता है। 

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