प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्‍यक्षता में केन्‍द्रीय मंत्रिमंडल ने चिकित्‍सा की पारंपरिक प्रणालियों और होम्‍योपैथी के क्षेत्र में सहयोग के लिए भारत और ब्राजील के बीच सहमति पत्र (एमओयू) को स्‍वीकृति दे दी है। इस एमओयू से चिकित्‍सा की पारंपरिक प्रणालियों के क्षेत्र में भारत और ब्राजील के बीच द्विपक्षीय सहयोग बढ़ जाएगा। भारत और ब्राजील की साझा सांस्‍कृतिक विरासत को ध्‍यान में रखते हुए यह एमओयू दोनों ही देशों के लिए काफी महत्‍वपूर्ण साबित होगा।
 
पृष्‍ठभूमि 
  1. भारत में औषधीय पौधों सहित चिकित्‍सा की पारंपरिक प्रणालियां काफी विकसित हैं, जिनमें वैश्विक स्‍वास्‍थ्‍य परिदृश्‍य को ध्‍यान में रखते हुए असीम क्षमता है। 
  2. भारत और ब्राजील के बीच अत्‍यंत घनिष्‍ठ एवं बहुआयामी संबंध द्विपक्षीय स्‍तर के साथ-साथ ब्रिक्‍स, बेसिक, जी-20,   जी-4 एवं बीएसए जैसे बहुपक्षीय स्‍तर और इसके अलावा बहुपक्षीय संगठनों जैसे कि संयुक्‍त राष्‍ट्र, विश्‍व व्‍यापार संगठन, यूनेस्‍को और विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन में भी परिलक्षित होते हैं। 
  3. यही नहीं, ब्राजील समूचे लैटिन अमेरिका और कैरिबियाई क्षेत्र में भारत के सर्वाधिक महत्‍वपूर्ण व्‍यापार साझेदारों में से एक है।
  4. औषधीय पौधों पर आधारित अनगिनत स्‍वास्‍थ्‍य प्रणालियों और पारंपरिक चिकित्‍सा के उपयोग के लंबे इतिहास के साथ भारत और ब्राजील दोनों ही जैव विविधता के मामले में काफी समृद्ध हैं। आयुर्वेद, योग और अन्‍य पारंपरिक प्रणालियां ब्राजील में भी लोकप्रिय हैं।

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