केंद्र सरकार प्रदूषण पर लगाम कसने के लिए आइआइटी के साथ मास्टर प्लान तैयार कर सकती है। आइआइटी के पूर्व छात्र एवं केंद्र सरकार के मुख्य वैज्ञानिक पद्मश्री के. विजय राघवन ने यह संकेत वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए पूर्व छात्र एसोसिएशन की बैठक में दिए। प्रदूषण नियंत्रित करने के लिए अब तक जो शोध कार्य हुए हैं, उनका आकलन किया गया है। इसमें कई बिंदु सामने आए हैं, जिन पर काम कर शहर की दूषित आबोहवा बदली जा सकती है।
 
क्या है 
  1. के. विजय राघवन आइआइटी कानपुर में प्रदूषण पर हुए राष्ट्रीय सम्मेलन में छात्रों से भी रूबरू हुए। एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रदीप भार्गव ने बताया कि मुख्य वैज्ञानिक ने प्लान तैयार करने के लिए दिल्ली में बैठक बुलाई है। 
  2. शोध के जो बिंदु चिह्नित हुए हैं, उनमें एयर सेंसर, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, एयर प्यूरीफाई डिवाइस, कार्बन कटर, नेनोटेक मास्क, इंडोर प्लांट्स, इंडस्टि्रयल प्रदूषण नियंत्रण यूनिट शामिल हैं। 
  3. आइआइटी ने इनमें से कई उत्पाद व उपकरण बना लिए हैं। इसके अलावा मुंबई, पुणे, बेंगलुरुऔर हैदराबाद समेत देशभर में शोध कर रहे पूर्व छात्र अपने उपकरणों के साथ इस प्रोजेक्ट में शामिल होंगे।
  4. प्रदीप भार्गव ने बताया कि आइआइटी छात्रों के स्टार्टअप में भारत व विदेश में कार्यरत पूर्व छात्र मदद करेंगे। छात्र जो स्टार्टअप तैयार कर रहे हैं, उनके क्रियान्वयन में आने वाली दिक्कतों को दूर करने का पूरा प्रयास होगा। इस बिंदु पर भी कार्ययोजना तैयार की गई है।

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