विश्व हिंदी दिवस (World Hindi Day) मनाने की शुरुआत पूर्व प्रधानमंत्री डॉक्‍टर मनमोहन सिंह ने एक दशक पहले 10 जनवरी, 2006 को की थी, तभी से हर साल 10 जनवरी को विश्व हिंदी दिवस मनाया जाता है। हर साल मनाए जाने वाले विश्व हिंदी दिवस का असल मकसद दुनियाभर में हिंदी के प्रचार-प्रसार के लिए वातावरण बनाना और हिंदी को वैश्विक भाषा के रूप में प्रस्तुत करना है। विदेशों में भारत के दूतावास इस दिन को विशेष रूप से मनाते हैं। इस दिन सभी सरकारी कार्यालयों में विभिन्न विषयों पर हिंदी के लिए अनूठे कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इस कड़ी में अमेरिका के शहर ह्यूस्टन में पहली बार भारतीय कांसुलेट (वाणिज्‍य दूतावास) में विश्‍व हिंदी दिवस मनाया जाएगा
 
क्या है  
  1. विदेश में भारत के दूतावास विश्व हिंदी दिवस विशेष रूप से मनाते हैं। सरकारी कार्यालयों में हिंदी में व्याख्यान आयोजित किए जाते हैं।
  2. पहला विश्व हिंदी सम्मेलन 10 जनवरी से 14 जनवरी 1975 तक नागपुर में आयोजित हुआ था। इसका बोधवाक्य था - वसुधैव कुटुंबकम
  3. दूसरा विश्व हिंदी सम्मेलन मॉरीशस में हुआ। मॉरीशस की राजधानी पोर्ट लुई में 28 अगस्त से 30 अगस्त 1976 तक यह चला।
  4. विश्व हिंदी सम्मेलन देश की राजधानी दिल्ली में 28 अक्टूबर से 30 अक्टूबर 1983 तक किया गया।
  5. 11वां विश्व हिंदी सम्मेलन अगस्त 2018 में मॉरीशस में आयोजित किया गया।
  6. हर साल 14 सितंबर को 'हिन्दी दिवस' मनाया जाता है। 14 सितंबर 1949 को संविधान सभा ने हिंदी को राजभाषा का दर्जा दिया था।
यहां से निकली हिंदी
  1. प्रख्‍यात भाषाविज्ञानी हरदेव बाहरी अपनी किताब (हिंदी भाषा) में लिखते हैं कि विकास के क्रम में भारतीय आर्यभाषा को तीन कालों में बांटा जाता है
  2. प्राचीन (वैदिक संस्‍कृत और लौकिक संस्‍कृत)- 2000 ईसा पूर्व से 500 ईसा पूर्व
  3. मध्‍यकालीन (पालि, प्राकृत अपभ्रंश अवहट़ट)- 500 ईसा पूर्व से 1000 ईसवी तक
  4. आधुनिक (हिंदी और हिंदीतर भाषाएं - बांग्‍ला, उडि़या, असमी, मराठी, गुजराती, पंजाबी सिंधी आदि)-1000 ईसवी से।

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