पूर्वी रेलवे के आसनसोल डिविजन में मुख्य टिकट निरीक्षक श्री श्याम सुन्दर बेसरा को प्रतिष्ठत साहित्य अकादमी पुरस्कार प्रदान किया गया है। उन्हें संथाली भाषा में उनके उपन्यास ‘मारोम’ के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार मिला है। यह उपन्यास संथाल परगना के प्राकृतिक, सामाजिक, आर्थिक तथा राजनीतिक परिस्थितयों पर आधारित हैं। इस उपन्यास में स्वतंत्रता के बाद संथाल क्षेत्र में दुमका में मसानजोर बांध तथा चितरंजन में लोकोमोटिव कार्याशाला स्थापित किये जाने के बाद की स्थितियों को चित्रित किया गया है।
 
क्या है 
  1. उनकी दो साहित्य कृतियां ‘दुल्लर खातिर’ तथा ‘दमिया रिया (उदास) कहानी को’ सिद्धू कान्हु विश्वविद्यालय के स्नाकोत्तर पाठ्यक्रम का हिस्सा हैं। 
  2. श्री बेसरा संथाली भाषा में जी बी रारेक के नाम से तथा हिंदी में संथाल प्रगनवी के नाम से लिखते हैं। श्री श्याम बेसरा ने हिंदी साहित्य में एम.ए. किया है तथा 1987 में संथाली भाषा में एम.ए. की डिग्री ली। 
  3. उन्हें राज्य स्तर पर अनेक पुरस्कार दिये गये हैं। श्री बेसरा को 1992 में भारतीय दलित साहित्य अकादमी द्वारा डॉ अम्बेडर फेलोशिप प्रदान किया गया।
  4. डीआरएम, आसनसोल ने इस सम्मान के लिए श्री श्याम सुन्दर बेसरा का अभिनंदन किया। भारतीय रेल ने श्री बेसरा को बधाई दी है और भविष्य में उनकी सफलता की कामना की है।

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