भारत के लिए अब 'क्राइम फ्री' भूटान नई टेंशन बनने जा रहा है। पिछले कुछ वक्त में भूटान क्राइम इंटरनैशनल गोल्ड स्मगलिंग का सबसे पसंदीदा रास्ता बन गया हैपहले यह काम नेपाल के रास्ते से होता था। भारत के डायरेक्टरेट ऑफ रेवन्यू इंटेलिजेंस (डीआरआई) ने भूटान के रास्ते तस्करी केस में 66 किलोग्राम सोना जिसकी कीमत करीब 21 करोड़ है को जब्त किया है। लखनऊ, कोलकाता और सिलिगुड़ी में चले अलग-अलग ऑपरेशन के जरिए इसे जब्त किया है। 
 
क्राइम फ्री नहीं रहा भूटान अब? 
  1. यह कोई पहली बार नहीं है जब भूटान के रास्ते होनेवाली स्मगलिंग के जरिए डीआरआई ने इतना अधिक सोना जब्त किया हो। पिछले कुछ वक्त में एजेंसी ने दर्जनों भूटानी नागरिकों को सोने की तस्करी के जुर्म में गिरफ्तार किया। 
  2. जमीन सीमा के पास से यह स्मगलिंग का कारोबार किया जाता रहा है। आम तौर पर भूटान के बारे में यह धारणा है कि यह पूरी तरह से अपराध मुक्त देश है, लेकिन पिछले कुछ वक्त में भूटानी नागरिकों के पकड़े जाने के बाद से भारत के लिए टेंशन बढ़ गई है। 
  3. 2017-18 में डीआरआई ने 3,200 किग्रा सोना जब्त किया है। यह पूरा सोना स्मगलिंग के जरिए लाया जा रहा था। डीआरआई के लिए हैरानी की बात यह भी है कि इसमें से ज्यादातर सोना भूटान और म्यांमार से ही स्मगलिंग के जरिए लाया गया था। भारतीय अधिकारियों के लिए भूटान के रास्ते होनेवाली स्मगलिंग हैरान करने के साथ चिंता की भी बात है। 
अंतरराष्ट्रीय स्मगलिंग सिंडिकेट का डर 
  1. भारतीय अधिकारियों के लिए चिंता की बात यह भी है कि भूटान के रास्ते होनेवाले सोने की तस्करी के जो भी मामले सामने आए हैं उनसे अंतरराष्ट्रीय गोल्ड स्मगलिंग सिंडिकेट का संकेत मिल रहा है। 
  2. इस बात की पूरी आशंका है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस तस्करी के काम को व्यवस्थित तरीके से अंजाम दिया जा रहा है। 
  3. भारत के लिए चिंता की बात यह भी है कि शुरुआत में ऐसे सिंडिकेट सोने की ही तस्करी करते हैं, लेकिन धीरे-धीरे इसी रास्ते का प्रयोग हथियारों और नशे के उत्पाद की तस्करी में भी किया जाता है। 

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