हिंदी की प्रसिद्ध कथाकार चित्रा मुद्गल को 5 दिसम्बर 2018 को उनके उपन्यास पोस्ट बॉक्स नं.203-नाला सोपारा के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार देने की घोषणा की गई है। अकादमी ने उनके सात कविता संग्रह, छह कहानी संग्रह तीन आलोचना और दो निबंध-संग्रह के लिए यह पुरस्कार दिया जाएगा। चेन्नई में जन्मी और मुंबई में शिक्षित चित्रा मुद्गल ने समाज के निचले तबके खासकर दलित-शोषितों के लिए काम किया है। आंदोलनमुखी संगठनों से इनका गहरा नाता है। इनका मानना है कि सामाजिक परिवर्तनों की दिशा में आंदोलन निर्णायक भूमिका निभाते हैं। इनकी कहानियों पर कई धारावाहिकों का निर्माण हुआ है। साथ ही उन्होंने दूरदर्शन के टेलीफिल्म ‘वारिस’ का निर्माण भी किया है
 
क्या है  
  1. चित्रा मुद्गल को इससे पहले इनके बहुचर्चित उपन्यास ‘आवां’ के लिए सहस्राब्दि का पहला अंतर्राष्ट्रीय ‘इन्दु शर्मा कथा सम्मान’ लंदन (इंग्लैंड) में पाने का गौरव प्राप्त हुआ। 
  2. चित्रा को बिड़ला फाउंडेशन का ‘व्यास सम्मान’, ‘हिंदी अकादमी, दिल्ली का ‘साहित्यकार सम्मान’, ‘विकास’ काया फाउंडेशन द्वारा सामाजिक कार्यों के लिए ‘विदुला सम्मान’ और उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान द्वारा ‘साहित्य भूषण सम्मान’ से सम्मानित किया गया है।
  3. साहित्य अकादमी पुरस्कार भारत में साहित्य के क्षेत्र में दिया जाता है, जो साहित्य अकादमी प्रतिवर्ष उनके द्वारा मान्यता प्राप्त 24 प्रमुख भाषाओं में से प्रत्येक में प्रकाशित श्रेष्ठतम साहित्यिक कृति को दिया जाता है। 

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