प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने विभिन्न क्षेत्रों में आपसी सहयोग पर विचार विमर्श के लिए 30 नवम्बर 2018 को त्रिपक्षीय वार्ता की। तीनों देशों के बीच करीब 12 साल बाद यह दूसरी त्रिपक्षीय वार्ता है। रूस, भारत और चीन की बैठक से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उनके जापानी समकक्ष शिंजो आबे और अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने पहली त्रिपक्षीय बैठक की।
 
क्या है   
  1. राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, राष्ट्रपति चिनफिंग और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ब्यूनस आयर्स में आरआईसी (रूस, भारत, चीन) त्रिपक्षीय वार्ता में हिस्सा लिया।
  2. 12 साल के अंतराल में दूसरी बार रूस-भारत-चीन (RIC) की त्रिपक्षीय बैठक ब्यूनस आयर्स में हुई। सकारात्मकता और गर्मजोशी से लबरेज इस बैठक में नेताओं ने वैश्विक शांति और स्थिरता में योगदान देने वाले विषयों पर सहयोग और तालमेल पर चर्चा की। 
  3. इससे पहले दिन में भारत, जापान और अमेरिका ने अपनी पहली त्रिपक्षीय बैठक में वैश्विक और बहुपक्षीय हितों के मुख्य मुद्दों पर चर्चा की। 
  4. सामरिक रूप से महत्वपूर्ण हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन के दबदबा बढ़ाने की कोशिशों के बीच हुई इस चर्चा को बेहद अहम माना जा रहा है। 
  5. इस बैठक में भारत ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र को साझा आर्थिक वृद्धि वाला क्षेत्र बनाने की अपनी प्रतिबद्धता पर जोर दिया। पीएम मोदी ने जोर दिया कि भारत 'साझा मूल्यों पर साथ काम करना जारी रखेगा।
  6. उन्होंने कहा, 'जब आप जापान, अमेरिका और भारत के नामों के पहले अक्षर पर जाएंगे तो यह जेएआई (जय) है और इसका मतलब हिंदी में सफलता होता है।'

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