चीन के सबसे बड़े बैंक इंडस्टियल एंड कॉमर्शियल बैंक ऑफ चायना (आइसीबीसी) की भारतीय इकाई ने भारत के अत्यधिक संभावनाशील सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) में निवेश करने के लिए 20 करोड़ डॉलर (1400 करोड़ रुपये) का कोष गठित किया है। चीन में भारतीय दूतावास ने एक बयान में कहा कि आइसीबीसी इंडिया के सीईओ ङोंग बिन ने दूसरे स्टार्टअप इंडिया इन्वेस्टमेंट सेमिनार में इसकी घोषणा की। उन्होंने भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम और उनमें निवेश के तरीके पर अपने विचार रखे। उन्होंने यह भी बताया कि भारत के संभावनाशील एमएसएमई और वेंचरों में निवेश करने के लिए आइसीबीसी इंडिया ने 20 करोड़ डॉलर का एक कोष बनाया है
 
क्या है 
  1. आइसीबीसी ने 2011 में मुंबई में अपनी शाखा स्थापित की थी। भारतीय दूतावास के आर्थिक और वाणिज्य सलाहकार प्रशांत लोखंडे ने कहा कि भारतीय दूतावास, स्टार्टअप इंडिया एसोसिएशन (एसआइए) और वेंचर गुरुकूल द्वारा आयोजित सेमिनार में 350 से अधिक चीनियों ने हिस्सा लिया, जिनमें अधिकतर चीन के वेंचर कैपिटल और एंजल निवेशकों के प्रतिनिधि थे। 20 भारतीय स्टार्टअप का प्रतिनिधित्व करने वाले 42 भारतीय उद्यमियों ने भी इसमें हिस्सा लिया।
  2. केपीएमजी की ‘इंडिया-चाइना: स्टार्टअप एंड बियोंड’ शीर्षक रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन की कंपनियों ने 2017 में भारत के स्टार्टअप में दो अरब डॉलर (14000 करोड़ रुपये) से अधिक निवेश किया, जो इससे एक साल पहले के मुकाबले तीन गुना अधिक है। 
  3. रिपोर्ट में कहा गया है कि 2015 के बाद से चीन की कंपनियों की ओर से निवेश में काफी बढ़ोतरी दिखी है। ये निवेश खासकर स्टार्टअप और तकनीक प्लेटफॉर्म में हो रहे हैं। सेमिनार में परामर्श कंपनी केपीएमजी ने ‘इंडिया-चाइना: स्टार्टअप एंड बियोंड’ शीर्षक से एक रिपोर्ट भी जारी की।