GS 2 : BILATERAL REGIONAL AND GLOBAL GROUPINGS
अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने साफ कहा है कि देशों के लिए पेट्रोलियम और पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति इतनी पर्याप्त है कि वे ईरान से कच्चे तेल की खरीद को काफी हद तक कम कर सकते हैं। अमेरिका पहले ही कह चुका है कि 5 नवंबर से ईरान से कच्चे तेल का आयात करने वाले देशों के खिलाफ प्रतिबंध लगाए जाएंगे। गौरतलब है कि इससे पहले मई 2018 में ट्रंप ने खुद को 2015 में ईरान के साथ हुए परमाणु समझौते से अलग कर लिया था
 
क्या है   
  1. परमाणु समझौते के तहत ईरान को अपना परमाणु कार्यक्रम बंद करने के बदले आर्थिक प्रतिबंधों से राहत मिली थी। 
  2. समझौते से बाहर निकलने के तुरंत बाद ट्रंप ने ईरान के खिलाफ नए प्रतिबंधों पर हस्ताक्षर किया था। अब ट्रंप ने अपने निर्देश में कहा है कि ईरान के अलावा अन्य देशों से पेट्रोलियम और पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति काफी है और यह ईरान या अन्य विदेशी वित्तीय संस्थानों के माध्यम से खरीदे जाने वाले पेट्रोलियम या पेट्रोलियम उत्पादों की मात्रा में पर्याप्त कमी लाने के लिए काफी है। 
  3. यह कोई शासनादेश नहीं है, बल्कि एक तरह का निर्देश है जो वाइट हाउस द्वारा जारी किया गया है। गौरतलब है कि ट्रंप ने भारत सहित ईरान से तेल खरीदने वाले सभी देशों को निर्देश दिया है कि वे 4 नवंबर तक कच्चे तेल का आयात पूरी तरह बंद कर दें, अन्यथा उन्हें प्रतिबंधों का सामना करना पड़ेगा। 
  4. भारत ने 1.30 अरब की आबादी की ऊर्जा जरूरतों का हवाला देते हुए इस संबंध में अपनी असमर्थता जताई है। 
  5. भारत की ऊर्जा जरूरतों का 80 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा आयातित तेल से पूरा होता है लेकिन भारत ने ईरान से कच्चे तेल के आयात में भारी कमी भी की है। 

 

[printfriendly]