निर्यात सब्सिडी की कुछ योजनाओं पर संयुक्त राज्य अमेरिका (यूएसए) और भारत के बीच वार्ता स्तर पर विवाद नहीं सुलझने के बाद विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) की विवाद निपटारा शाखा ने एक समिति गठित कर दी है। एक अधिकारी ने कहा कि विवाद समिति के गठन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। कार्य की प्रक्रिया और कार्यवाही की समय सारणी वितरित की जा चुकी है। अमेरिका ने भारत की कुछ निर्यात प्रोत्साहन योजनाओं पर लगाए गए आरोपों की जांच के लिए विवाद समिति गठित करने की मांग की थी। इस वर्ष मार्च में अमेरिका ने निर्यात सब्सिडी को लेकर भारत के खिलाफ डब्ल्यूटीओ की विवाद निपटारा प्रक्रिया में शिकायत की थी। अमेरिका का आरोप है कि भारत के इन प्रोत्साहनों से अमेरिकी कंपनियों को नुकसान हो रहा है।
 
क्या है 
  1. मर्चेडाइज एक्सपोर्ट्स फ्रॉम इंडिया स्कीम जैसी भारत की निर्यात सब्सिडी योजनाओं को अमेरिका ने डब्ल्यूटीओ में चुनौती दी है। अमेरिका का कहना है कि इन योजनाओं के कारण असमान परिस्थितियां पैदा होती हैं, जिनसे अमेरिकी कंपनियों को नुकसान होता है। 
  2. वार्ता प्रक्रिया के दौरान अमेरिका ने आरोप लगाया था कि भारत ने सब्सिडी देना जारी रखा है और इनका आकार और दायरा भी बढ़ा दिया है। दूसरी ओर भारत ने इस बात पर नाराजगी जताई थी कि अमेरिका ने इस मामले में समिति गठित करने का अनुरोध किया। भारत का मानना है कि 11 अप्रैल को हुई द्विपक्षीय वार्ता रचनात्मक रही थी
  3. डब्ल्यूटीओ के तहत वार्ता की मांग करना विवाद निपटारा प्रक्रिया का पहला कदम है। यदि दो देश वार्ता प्रक्रिया के जरिए समझौते पर नहीं पहुंच पाते हैं, तो शिकायतकर्ता मामले की जांच के लिए डब्ल्यूटीओ के तहत विवाद निपटारा समिति के लिए अनुरोध कर सकता है।
  4. वाणिज्य और उद्योग मंत्री सुरेश प्रभु ने कहा कि भारत और अमेरिका ने आपसी व्यापार से संबंधित मुद्दों पर संभावित समझौते के लिए एक-दूसरे को प्रस्ताव दिए हैं। उन्होंने एक कार्यक्रम में कहा कि वार्ता जारी है और अमेरिका ने प्रस्ताव दिया है। 
  5. हमने भी उन्हें प्रस्ताव दिया है। हम इस पर बात कर रहे हैं। गौरतलब है कि भारत ने अमेरिका के 29 उत्पादों पर आयात शुल्क बढ़ाने संबंधी अधिसूचना टाली हुई है। भारत ने अमेरिका में शुल्क बढ़ोतरी के जवाब में इन उत्पादों पर आयात शुल्क बढ़ाने की घोषणा की थी।

 

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