प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र वाराणसी अब अ‌र्द्धसैनिक बल रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) का नया बेस बनेगा। नीली वर्दीधारी यह सशस्त्र बल देश का अग्रणी दंगा रोधी और भीड़ को काबू करने वाला अ‌र्द्धसैनिक बल है। इसी साल जनवरी में केंद्र सरकार ने आरएएफ की पांच बटालियनों को मंजूरी दी थी। अब उनके नए बेस को भी स्वीकृति दे दी गई है। इसके साथ ही अब देश में आरएएफ की कुल 15 बटालियनें हो गई हैं। उत्तर प्रदेश के वाराणसी के अलावा, चार अन्य नई बटालियनें जयपुर (राजस्थान), मंगलुरु (कर्नाटक), हाजीपुर (बिहार) और नूंह (हरियाणा) में स्थापित की जा रही हैं। 
 
क्या है 
  1. वाराणसी उत्तर प्रदेश में रेपिड एक्शन फोर्स का चौथा बेस होगा। इससे पहले, तीन अन्य बेस मेरठ, इलाहाबाद और अलीगढ़ में हैं। आरएएफ के पांच नए बेस के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
  2. अपना कार्यभार संभाल चुकी इन पांच नई बटालियनें कुछ ही अरसे में अपने स्थाई बेस से अपना कामकाज शुरू करेंगी। वाराणसी में आरएएफ का बेस होना प्रधानमंत्री मोदी के संसदीय क्षेत्र होने के कारण खास है। इसी तरह नए बेसों में हाजीपुर भी केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान का संसदीय क्षेत्र है।
  3. रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) दरअसल देश के सबसे बड़े अ‌र्द्धसैनिक बल केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) का हिस्सा है। 
  4. आरएएफ का गठन और उसका संचालन अक्टूबर, 1992 में शुरू हुआ था। इसके गठन का मकसद देश के विभिन्न हिस्सों में दंगा रोकने या भीड़ को काबू करने के लिए कम-से-कम समय में उस स्थान पर पहुंचना और जल्द-से-जल्द कार्रवाई करना है।
  5. पहले से स्थापित दस आरएएफ बटालियनों के बेस हैदराबाद, अहमदाबाद, इलाहाबाद, मुंबई, दिल्ली, अलीगढ़, कोयंबटूर, जमशेदपुर, भोपाल और मेरठ में हैं।

 

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