रिन्यूएबल एनर्जी को बढ़ावा देने और इसके उत्पादन में तेजी लाने के मकसद से इंटरनेशनल सोलर एलायंस (आइएसए) ने इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (आइईए) के साथ सहयोग बढ़ाने के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किये हैं। इसके अलावा आइएसए ने अफ्रीकन डवलपमेंट बैंक (एएफडीबी), एशियन डवलपमेंट बैंक (एडीबी), एशियन इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक (एआइआइबी), ग्रीन क्लाइमेट फंड (जीसीएफ) और न्यू डवलपमेंट बैंक (एनडीबी) के साथ संयुक्त वित्तीय साझेदारी घोषणा पर हस्ताक्षर किये हैं। इन समझौतों का उद्देश्य रिन्यूएबल एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए सहयोग करना है। इससे पहले आइएसए ने विश्व बैंक, यूरोपियन इन्वेस्टमेंट बैंक और यूरोपियन बैंक फॉर रिकस्ट्रक्शन एंड डवलपमेंट के साथ साङोदारी के लिए समझौते किये हैं। ये समझौते वित्त मंत्री अरुण जेटली और ऊर्जा व रिन्यूएबल एनर्जी मंत्री आर. के. सिंह की मौजूदगी में किये गये।


क्या है

    इंटरनेशनल रिन्यूएबल एनर्जी एजेंसी (आइआरईएनए) साङोदारी के घोषणा पत्र पर हस्ताक्षर किये जाएंगे। आइएसए एक हजार गीगावाट से ज्यादा सौर ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य हासिल करने पर काम कर रहा है। 2030 तक यह लक्ष्य हासिल करने के लिए 1000 अरब डॉलर (65 लाख करोड़ रुपये) निवेश की जरूरत होगी। आइएसए ने सोलर एलायंस को 30 संगठनों ने मंजूरी दे दी। इसके लिए 60 लोगों ने हस्ताक्षर किये।
    आइएसए के साथ मिलकर एएफडीबी मौजूदा माध्यमों से रियायती कर्ज जुटाने पर काम करेगा। खासकर बैंक के सस्टेनेबल एनर्जी फंड फॉर अफ्रीका और फेसिलिटी फॉर एनर्जी इंक्लूजन कार्यक्रमों के जरिये फंड जुटाये जा सकते हैं।
    आइएसए और एडीबी ने एशिया और प्रशांत क्षेत्र में सोलर एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए हाथ मिलाया है। ये दोनों संगठन सोलर पावर जेनरेशन, सोलर एनर्जी के लिए मिनी ग्रिड बनाने और पावर ग्रिड में सोलर एनर्जी के ट्रांसमिशन सिस्टम विकसित करने पर काम करेंगे।
    ये दोनों भविष्य में लांच होने वाले कार्यक्रमों पर भी काम करेंगे। इसी तरह एआइआइबी और आइएसए संभावित सदस्य देशों में सोलर एनर्जी के प्रोत्साहन के लिए मिलकर काम करेंगे। जीसीएफ के साथ मिलकर आइएसए समग्र आर्थिक विकास के उद्देश्य से किफायती, भरोसेमंद और स्थाई सोलर एनर्जी विकसित करने के लिए प्रयास करेंगे।

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