Failure से Success का सफर कैसे तय करें

मैं एक ऐसे profession में हूँ जिसमे बड़ी संख्या में लोग successful जो होते हैं वो मिलते हैं. और कई सारे ऐसे लोग भी मिलते हैं जो success का स्वाद चखने से पहले failure का भी स्वाद चखते हैं. आज मैं उन लोगों के बारे में बात करने वाला हूँ कि जो fail करने के बाद successful हो जाते हैं. मेरे ख़्याल में आप भी interested होंगे. कुछ जो मेरा अपना personal research है उसके अनुसार मैं ये बताऊँ कि ये ऐसे लोग होते हैं जो अपने failure को manage better कर लेते हैं. उनके लिए अगर मैं तीन चीज़े बताना चाहूंगा एक पहली चीज़ तो बताना चाहूंगा कि उनमें ownership होता है. They own the failure. जैसे fail होते ही लोग फटाक शुरू हो जाते हैं इसकी वजह से fail हुआ इसकी वजह से fail हुआ इसकी वजह से fail हुआ..... अर्थात वो अपने failure को own नहीं करते हैं. वो अपने फेलियर के लिए दूसरों को ज़िम्मेदार ठहराते हैं चाहे वो व्यवस्था हो चाहे वो परिस्थिति हो चाहे कोई और चीज़ हो. मतलब उनके अंदर फेलियर की ownership नहीं होती है. जब तक आप फेलियर का ownership नहीं होगा उसका management कैसे करेंगे आप? So that is VERY IMPORTANT. You must OWN the FAILURE. कि हां ये मेरा फेलियर है अब उसके बाद बताओ मैं आगे कैसे जाऊं? That’s point number one to move ahead from the failure. Second चीज़ जो मैंने महसूस की है वो ये कि they are always interested in FIXING the FAILURE. वो फेलियर  की तरफ जाते हैं और वहां से मैं चाहूंगा कि जब भी कभी कोई फेलियर किसी की ज़िन्दगी में आये तो उसके लिए एक लिस्ट बनाये कि इन इन कारणों  की वजह से मैंने फेल किया। या मेरी success नहीं मिली मुझे। इस बार मैं प्राप्त नहीं कर पाया जो मैं चाहता था. And उसमें कुछ ऐसी चीज़ अगर आपके पास हैं  जिसको आप कुछ भी नहीं कर सकते हैं जिसका कुछ भी नहीं हो सकता है, ठीक है फिर ये मार्ग ही आपका नहीं था. ये destination भी आपका नहीं था फिर ये goal भी आपका नहीं था. आप उसे छोड़ दीजिये. लेकिन हाँ उनमें आपने ऐसी चीज़ों को पहचान लिया जिसकी वजह से फेलियर हुई. Go back. Attend them. उनको दूर कर ले. फेलियर फिर खत्म हो गई. फिर successful आप हो जायेंगे। Fixing the failure की लिस्ट बनायें। रवाकृत करे उनको crystallize करें identify करें। उस पर टाइम लगाएं क्यों वो फेलियर हुआ था and उसके बाद मेरे ख़याल में उसको fix कर दिया जाए तो काम हो जाता है. और तीसरा पॉइंट जो मैं बताऊ फेलियर को दूर करने के लिए, Remember The Failure. Every single day you should remember कि ये मेरे से नहीं हुआ था. ये मुझे achieve नहीं हुआ. अगर आप भूल जाते हैं तो गया. I think I would like to tell you ‘Failure Is The Best Teacher’ that’s what they always tell. But it teaches ONLY to the GRACEFUL students. जो gracefully जिन्होंने इसको accept किआ है. जिन्हीने grace दिखाया है. अपने इस फेलियर के अंदर. अपना संयम बना के रखा है. अपनी एकाग्रता नहीं छोड़ी है. अपना धय और धैर्य इसमें कोई परिवर्तन नहीं किआ है. success उनको मिल जाती है. कई बार फैल्लूर एक ऐसा मुकाम होता है जिसमे वो देखते हैं कि आपको कुछ बेटर मिलने वाला है कि नहीं? और कई बार तो फेलियर एक तरह से आपका गतिरोध बना कर के आपका सब कुछ, कुछ अच्छा करने के लिए एक बहाना बन जाता है. मेरे को शायद मैं नाम नहीं लेना चाहूंगा, जो ASI के exam में fail कर गए थे अगले वर्ष वो IPS बन गए. तो आप देखिये फेलियर कितनी अनोखी चीज़ होती है कितनी interesting चीज़ होती है. संभवतः वो अगर पास कर गए होते तो IPS नहीं होते। I don’t think I should name him but I know somebody in person. He’s very dear to me and कई बार तो फेलियर ऐसी form में भी आती है. So own the failure gracefully and move ahead. Success आपका इंतज़ार कर रही है.