उत्तर कोरिया ने एक बार फिर से सभी धमकियों को दरकिनार कर उच्च क्षमता वाले एक नए रॉकेट इंजन का परीक्षण किया है। उत्तर कोरिया के सरकारी मीडिया केसीएनए की खबर के अनुसार इस परीक्षण पर खुद वहां के प्रमुख किम जोंग उन नजर रखे हुए थे।

परीक्षण के बाद उन्‍होंने अमेरिका के साथ-साथ दक्षिण कोरिया को भी ललकारते हुए कहा है कि पूरी दुनिया जल्द ही देखेगी कि आज की महान विजय का क्या महत्व है। अपनी बात के जरिए उन्‍होंने इस बात के भी संकेत दे दिए हैं कि उत्तर कोरिया एक नया उपग्रह रॉकेट प्रक्षेपित करने की तैयारी कर रहा है। 

 
क्या है 
  1. नए इंजन के विकास से बाह्य अंतरिक्ष विकास क्षेत्र में विश्वस्तरीय उपग्रह स्थापित करने की क्षमता के लिए जरूरी वैज्ञानिक एवं तकनीकी नींव रखने में मदद मिलेगी। 
  2. बाहरी पर्यवेक्षकों का कहना है कि परमाणु हथियारों से लैस प्योंगयांग का अंतरिक्ष कार्यक्रम हथियार परीक्षणों को छिपाने के लिए है। वहीं शनिवार को बीजिंग पहुंचे अमेरिकी विदेश मंत्री टिलरसन ने कहा है कि अमेरिका प्योंगयांग के साथ धर्यपूर्वक कूटनीति चलाने की विफल तरकीब पर अब काम नहीं करेगा। टिलरसन ने एक बार फिर से उत्‍तर कोरिया को यह चेतावनी दी कि उसके लिए अमेरिका के पास सैन्य कार्रवाई का विकल्प मौजूद है।
  3. रॉकेट इंजन का परीक्षण सोहा सैटेलाइट लॉन्चिंग ग्राउंड पर किया गया। बता दें कि यहां उत्तर कोरिया लंबी दूरी वाले रॉकेट की टेस्टिंग भी कर चुका है। किम जोंग उन का दावा है कि उत्तर कोरिया एक इंटर-कॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल के टेस्ट-लॉन्च के करीब है।
  4. गौरतलब है कि नॉर्थ कोरिया अमेरिका को लगातार चुनौती देता रहा है। ट्रंप प्रशासन में भी किम जोंग उन ने हथियारों के विस्तार कार्यक्रम को बंद नहीं किया है। 
  5. पिछले वर्ष जनवरी में नॉर्थ कोरिया ने हाइड्रोजन बम का टेस्ट किया था। ट्रंप की चेतावनी के बाद भी नॉर्थ कोरिया हथियारों के विस्तार कार्यक्रम से पीछे नहीं हट रहा है। 
  6. साउथ कोरिया, अमेरिका और जापान जैसे देश इसे लेकर कई बार यूएन में शिकायत कर चुके हैं। इस साल उत्तर कोरिया ने पांच परमाणु और एक मिसाइल सीरीज के परीक्षण की शुरूआत की।

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