राशन प्रणाली में सुधार और पोषक तत्वों से भरपूर चावल वितरण की राइस फोर्टिफिकेशन योजना समेत खाद्य संबंधी कई मसौदे पर विचार-विमर्श और फैसला लेने के लिए राज्यों के खाद्य मंत्रियों का सम्मेलन आयोजित किया गया है
 
 
एक अगस्त को राजधानी दिल्ली में होने वाले इस सम्मेलन में उपभोक्ताओं के हितों से जुड़े कई मसलों पर चर्चा होने की उम्मीद है। राशन प्रणाली में राशन कार्ड को कहीं भी उपयोग करने लायक बनाने के लिए सभी राज्यों से विचार विमर्श कर लिया गया है। इसके मसौदे पर एक अगस्त को खाद्य मंत्रियों के सम्मेलन में अंतिम मुहर लग सकती है। खाद्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि राशन कार्ड को अंतरराज्यीय बनाने के लिए अब तक चार राज्यों के बीच परस्पर सहमति बन गई है।
 
क्या है 
  1. इनमें पहला क्लस्टर आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के बीच बना है। इन दोनों राज्यों के उपभोक्ता एक दूसरे राज्य में जाकर राशन उठा सकते हैं। इसी तरह दूसरा क्लस्टर गुजरात और महाराष्ट्र के बीच बनाया गया है। 
  2. खाद्य मंत्रियों के सम्मेलन में बाकी राज्यों के बीच भी सहमति बनाने की कोशिश की जाएगी। आने वाले दिनों में राशन के लिए 'वन नेशन वन कार्ड' प्रणाली पूरे देश में लागू करने की योजना है।
  3. सम्मेलन में दूसरा सबसे बड़ा मुद्दा राइस फोर्टिफिकेशन का होगा। इसके तहत गरीबों के लिए सूक्ष्म तत्वों से युक्त चावल वितरण की योजना है। देश में महिलाओं व बच्चों में एनीमिया की भारी कमी के मद्देनजर यह योजना तैयार की गई है। 
  4. शुरुआती दौर में पायलट प्रोजेक्ट के तहत देश के नौ राज्यों के 15 जिलों को शामिल करने की योजना थी। लेकिन अब इसे पूरे देश में लागू करने पर विचार किया जा रहा है।
  5. खाद्य मंत्रियों के सम्मेलन में इस योजना इस योजना पर विस्तार से चर्चा होगी, ताकि इसे पूरे देश में एक साथ लागू कर दिया जाए। राशन प्रणाली के तहत गरीबों को दिये जाने वाले चावल को पोषक तत्वों से भरपूर बनाकर दिया जाएगा।
  6. राशन फोर्टिफिकेशन प्रोग्राम को स्कूलों में चलाये जा रहे मिड डे मील में लागू किये जाने की योजना हैचावल में आयरन, फोलिक एसिड और विटामिन बी-12 मिलाया जाएगा। ऐसा करने में प्रति किलोग्राम चावल पर 60 पैसे की लागत आएगी, जिसे सरकार उठायेगी।
  7. खाद्य क्षेत्र में इन सुधारों से गरीबों का बहुत फायदा मिल सकता है। खासतौर पर रोजी रोटी की जुगाड़ में दूसरे राज्यों की ओर पलायन करने वाले मजदूरों को काफी लाभ होगा, जो जहां रहेंगे वहीं की राशन दुकान से अनाज उठा सकेंगे। दूसरे सुधार से पोषण तत्वों की कमी से जूझ रहे गरीबों को काफी लाभ होगा।

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