भारतीय सेना को अमेरिका से मिली लंबी रेंज वाली अल्ट्रा लाइट हॉवित्जर तोप हादसे का शिकार हो गई है। पोखरण फायरिंग रेंज में फील्ड ट्रायल के दौरान अमेरिका निर्मित हॉवित्जर तोप का गोला फट गया। ये हादसा 2 सितंबर को हुआ है।

बता दें कि मई में भारत को दो M-777 हॉवित्जर तोप मिली हैं। बोफोर्स मामला सामने आने के 30 साल बाद भारत को यह तोप मिली थी। प्रत्येक तोप की कीमत करीब 35 करोड़ रुपये है। आर्मी सूत्रों का कहना है कि फायरिंग के दौरान तोप का गोला कई हिस्सों में टूट गया। हालांकि इस हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ है। सूत्रों के मुताबिक तोप का बैरल क्षतिग्रस्त हो गया और इसमें कितना नुकसान हुआ, संयुक्त जांच टीम इसकी पड़ताल कर रही है। बीएई सिस्टम्स के एक प्रवक्ता ने बताया कि एम-777 के फील्ड फायरिंग के दौरान इसमें दर्ज की गई खराबी से कंपनी अवगत है। गौरतलब है कि भारतीय सेना ने अमेरिका से 145 हॉवित्जर तोपों के लिए करार किया था। इनमें 25 तोपें बनी-बनाई खरीदी जाएंगी। शेष तोपों को बीएई सिस्टम्स और उसकी सहयोगी कंपनी महिंद्रा डिफेंस की ओर से भारत में ही असेंबल किया जाएगा। इन तोपों के लिए पिछले साल नवंबर में भारत और अमेरिका के बीच लगभग पांच हजार करोड़ रुपये का सौदा हुआ था। सितंबर 2018 को ट्रेनिंग के लिए तीन और तोप सेना को दी जाएंगी।

 
क्या है इस तोप की खासियत
  1. 155 एमएम की हॉवित्जर तोप 30 किलोमीटर तक सटीक मार कर सकती हैं। इसके अलावा इन्हें ऑपरेट करना बेहद आसान है।
  2. हॉवित्जर तोपें अन्य तोपों के मुकाबले हलकी हैं। इनको कहीं पर साधारण तरीके से पहुंचाया जा सकता है। इन्हें हेलीकॉप्टर से भी ढोया जा सकता है।
  3. इन तोपों का वजन सिर्फ 4,200 किलोग्राम है, जबकि सेना जिन बोफोर्स तोपों का इस्तेमाल कर रही है, उनका वजन 13,100 किग्रा है।
  4. मारक क्षमता के लिहाज से हॉवित्जर को दुनिया की सबसे कारगर तोपों में गिना जाता है।

UPSC Interviews 2018

Dr Khan a-b-c to Crack UPSC Interviews

Watch All Videos

To schedule your Mock Call +91-8010023123 and email us your DAF to mock@ksgindia.com

Submit A Query

Name 
Email 
Phone 
Query 
    
Go to top